श्रव्य माध्यमों की जननी है पारंपरिक रेडियो: अनवारुल हसन

Tuesday, October 22, 2024 - 16:06
Updated: 2 years ago
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श्रव्य माध्यमों की जननी है पारंपरिक रेडियो: अनवारुल हसन

श्री रामस्वरूप मेमोरियल विश्वविद्यालय के इंस्टिट्यूट ऑफ़ मीडिया स्टडीज द्वारा दो दिवसीय वर्कशॉप का शुभारम्भ विश्विद्यालय के चांसलर इंजीनियरिंग पंकज अग्रवाल, प्रो-चांसलर इंजीनियरिंग पूजा अग्रवाल, कुलपति प्रोफ़ेसर विकास मिश्रा और कुलसचिव प्रोफ़ेसर नीरजा जिंदल की उपस्थिति में सोमवार को किया गया। ‘वेब रेडियो: आडिओ प्रोडक्शन टेक्निक्स’ विषयक इस वर्कशॉप में मुख्य वक्ता के रूप में ऑल इन्डिया रेडियो के आर. जे. अनवारुल हसन उपस्थित रहे। इस मौके पर उपस्थित सभी विभागों एवं संस्थानों के वेब रेडियो कोर्डिनेटर और वालेंटियर को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि रेडियो सभी श्रव्य माध्यमों की जननी है, रेडियो की विधाएं कितनी भी विकसित हो जाएं, पारंपरिक रेडियो एक पिलर की तरह खड़ा रहेगा। आगे उन्होंने कहा कि रेडियो के लिए बोलते समय आवाज़ का दिल से आना बेहद जरुरी है, यदि आवाज़ दिल से न आये तो प्रोग्राम सिर्फ एक स्क्रिप्ट बन कर रह जाएगी और रेडियो हमें यह नहीं सिखाता।


कार्यक्रम का शुभारम्भ करते हुए विश्विद्यालय के चांसलर इंजीनियरिंग पंकज अग्रवाल ने कहा कि एसआरएमयू ने हमेशा ही तकनीकी को स्वीकार किया है, इंटरनेट के दौर में युवाओं का रुझान वेब रेडियो की तरफ बढ़ रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए विश्विद्यालय द्वारा वेब रेडियो की शुरुआत की जा रही है, जिससे वेब के माध्यम से विश्विद्यालय युवाओं और समाज की आवाज बन सके। प्रो-चांसलर इंजीनियरिंग पूजा अग्रवाल ने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य फैकल्टी और विद्यार्थिओं को रेडियो कल्चर और कार्यप्रणाली से परिचित कराना है। कार्यक्रम में उपस्थित कुलपति प्रोफ़ेसर विकास मिश्रा अपने पुराने दिनों को याद करते हुए कहा कि पहले आकाशवाणी, फिर एफएम रेडियो ने श्रोताओं के दिलों में जगह बनाया। यह वेब का दौर है और हम नई तकनीकी को स्वीकारते हुए वेब रेडियो स्थापित कर रहे हैं। विश्विद्यालय की कुलसचिव एवं कार्यक्रम की चेयरमैन प्रोफ़ेसर नीरजा जिंदल ने वर्कशॉप की उपयोगिता बताते हुए कहा कि इंस्टिट्यूट ऑफ़ मीडिया स्टडीज के प्रयास से आयोजित यह कार्यक्रम निश्चित ही विश्वविद्यालय द्वारा शुरू किये जा रहे वेब रेडियो के प्रसारण की गुणवत्ता सुधारने में सहायक साबित होगा। कार्यक्रम के पहले दिन का संचालन स्टूडेंट कोऑर्डिनेटर तनिषा श्रीवास्तव और काजल अवस्थी ने तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉ० मिली सिंह ने किया। 
 ‘वेब रेडियो: आडिओ प्रोडक्शन टेक्निक्स’ विषयक वर्कशॉप का दूसरा और अंतिम दिन प्रशिक्षण आधारित रहा। जिसमें ऑल इन्डिया रेडियो के आर. जे. अनवारुल हसन ने कार्यक्रम प्रसारण की सामग्री, शब्द उच्चारण, समय और परिस्थितियों के हिसाब से आवाज निकलना, आवाज संपादन समेत कई विधाओं का प्रशिक्षण दिया। प्रतिभागियों को प्रायोगिक प्रशिक्षण देते हुए उन्होंने कहा कि प्रोग्राम की गुणवत्ता के लिए रेडियो कार्यक्रमों की रिकार्डिंग के दौरान अपने व्यक्तिगत परेशानियों को रिकार्डिंग रूम से बाहर रखना जरुरी होता है। दूसरे दिन के कार्यक्रम में बतौर चेयरमैन उपस्थित प्रोफ़ेसर नीरजा जिंदल ने कहा कि अभी के अन्दर कोई न कोई प्रतिभा जरुर होती है. उसे एसआरएमयू वेब रेडियो प्रोग्राम की दृष्टि से संवारने की आवश्यकता है। कार्यक्रम के दूसरे दिन का संचालन स्टूडेंट कोऑर्डिनेटर तनिषा श्रीवास्तव और काजल अवस्थी ने तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉ० अमित कुमार सिंह ने किया। 
कार्यक्रम के इस मौके पर इंस्टिट्यूट ऑफ़ मीडिया स्टडीज से डायरेक्टर डॉ० पी. सी. मिश्रा, एसआरएमयू वेब रेडियो कोर्डिनेटर संदीप सिंह, डॉ. प्रदीप कुमार, डॉ० ध्वनि सिंह, राहुल चतुर्वेदी, डॉ० अन्दलिप जेहरा, उमा राजे ओझा, डॉ० प्रगति त्रिपाठी, डॉ० दीप्ती सिंह, अनुज कुमार, निर्मल कुमार वर्मा, शिवांगी पाठक, पूजा तिवारी, निर्मल कुमार वर्मा और राहुल यादव, संतोष कुमार शर्मा समेत सभी विभागों एवं संस्थानों के वेब कोर्डिनेटर और विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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