मनरेगा का नाम बदलने के विरोध में जयवर्धन सिंह ने फूंका बिगुल, 100 क्विंटल मक्का बेचकर भी नहीं मिल रहा एक तोला सोना
गुना (आरएनआई) महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना मनरेगा का नाम बदलने और इसे बंद करने की कथित साजिश के खिलाफ कांग्रेस ने राघौगढ़ विधानसभा के धरनावदा से बड़ेे आंदोलन का शंखनाद कर दिया है। सोमवार को राघौगढ़ विधायक और जिला अध्यक्ष जयवर्धन सिंह ने केंद्र सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए इसे अडाणी हितैषी सरकार करार दिया।
विधायक जयवर्धन सिंह ने सरकार की आर्थिक नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा, भाजपा राज में महंगाई इस कदर बढ़ गई है कि सोने की कीमत 1 लाख 40 हजार तक पहुंच गई है। आज किसान को एक तोला सोना खरीदने के लिए 100 क्विंटल मक्का बेचना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि 2014 से सोयाबीन के दाम नहीं बढ़ेे, लेकिन तेल के दाम चार गुना हो गए क्योंकि सोयाबीन तेल का सबसे बड़ा काम मोदी के मित्र अडाणी करते हैं। उन्होंने सिंगरौली में अडाणी को आवंटित की गई 3400 हेक्टेयर जमीन का उदाहरण देते हुए कहा कि सरकार पिछड़ों और आदिवासियों की जमीन उद्योगपतियों को सौंप रही है।
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