मंजिल शिवालय, कदमों में तूफान; दर्द पर भारी आस्था, समय से पहले पहुंचने के लिए दौड़ रहे डाक कांवड़िए
शिवरात्रि नजदीक आते ही दिल्ली-देहरादून हाईवे पर डाक कांवड़ियों की रफ्तार तेज हो गई है। हरिद्वार से गंगाजल लेकर अपने-अपने शिवालयों की ओर लौट रहे शिवभक्त थकान, पैरों के छालों और लंबे सफर के दर्द के बावजूद लगातार दौड़ते नजर आ रहे हैं। उनके सामने सिर्फ एक लक्ष्य है—समय से पहले शिवालय पहुंचना और भगवान शिव का जलाभिषेक करना।
हाईवे पर डाक कांवड़ियों की तस्वीरें इन दिनों आस्था और संकल्प की कहानी बयां कर रही हैं। लंबे सफर के बाद कई कांवड़ियों के पैरों में छाले पड़ गए हैं और तलवों में तेज दर्द है। कुछ देर के लिए कदम रुकते हैं, साथी पानी पिलाते हैं, कोई पैरों पर पट्टी बांधता है और कुछ ही देर बाद कांवड़िए फिर अपनी मंजिल की ओर दौड़ पड़ते हैं।
डाक कांवड़ियों के लिए यह यात्रा केवल एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचने का सफर नहीं है, बल्कि अपने संकल्प को पूरा करने का प्रयास है। हरिद्वार से गंगाजल लेकर निकले कांवड़ियों के सामने निर्धारित समय में शिवालय पहुंचने की चुनौती रहती है। यही वजह है कि शरीर थकने के बावजूद उनकी रफ्तार बनी हुई है।
दिल्ली-देहरादून हाईवे पर कई जगह कांवड़ियों के समूह एक साथ दौड़ते दिखाई दे रहे हैं। किसी साथी की रफ्तार धीमी पड़ती है तो दूसरे उसे आवाज देकर हौसला बढ़ाते हैं और साथ लेकर आगे बढ़ते हैं। रास्ते में आराम का समय बेहद सीमित है, क्योंकि घड़ी और मंजिल दोनों पर नजर बनी रहती है।
जैसे-जैसे शिवरात्रि करीब आ रही है, हाईवे पर डाक कांवड़ियों की संख्या भी बढ़ती जा रही है। भगवा रंग में रंगे हाईवे पर लगातार दौड़ते कांवड़िए श्रद्धा, अनुशासन और संकल्प की तस्वीर पेश कर रहे हैं। पैरों का दर्द और शरीर की थकान उनके कदमों को कुछ पल के लिए रोक जरूर देती है, लेकिन मंजिल का संकल्प उन्हें दोबारा दौड़ने की ताकत दे रहा है।
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