बंगाल में आस्था का नया केंद्र बना जगन्नाथ मंदिर, आठ महीने में एक करोड़ श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
पश्चिम बंगाल (आरएनआई)। पश्चिम बंगाल के पूर्वी मेदिनीपुर जिले के दीघा में स्थित जगन्नाथ मंदिर ने बेहद कम समय में आस्था का बड़ा केंद्र बनकर नया इतिहास रच दिया है। मंदिर के उद्घाटन के महज आठ महीनों के भीतर यहां एक करोड़ श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। मंदिर प्रशासन ने सोमवार को यह जानकारी साझा की।
कोलकाता के टॉलीगंज इलाके की निवासी काकोली जाना रविवार को मंदिर की एक करोड़वीं दर्शनार्थी बनीं। इस अवसर पर उन्हें और उनके परिवार को मंदिर अधिकारियों की ओर से विशेष दर्शन कराए गए तथा महाप्रसाद और पवित्र भेंटें प्रदान की गईं।
जगन्नाथ धाम के मुख्य पुजारी और न्यासी राधारामन दास ने इस उपलब्धि को भगवान जगन्नाथ की बढ़ती वैश्विक अपील का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि यह केवल एक संख्या नहीं है, बल्कि भगवान जगन्नाथ की उस सार्वभौमिक भावना को दर्शाती है, जो दुनिया भर के लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रही है। उनके अनुसार यह मंदिर अब विभिन्न देशों, संस्कृतियों और परंपराओं के श्रद्धालुओं का संगम स्थल बन चुका है।
दास ने इस तीर्थस्थल के विकास में पश्चिम बंगाल सरकार की भूमिका की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि इस पहल से न केवल राज्य की आध्यात्मिक पहचान मजबूत हुई है, बल्कि स्थानीय समुदायों के लिए रोजगार और आर्थिक गतिविधियों के नए अवसर भी पैदा हुए हैं।
30 अप्रैल को उद्घाटन के बाद से दीघा, जो पहले मुख्य रूप से एक मौसमी समुद्र तट पर्यटन स्थल के रूप में जाना जाता था, अब साल भर श्रद्धालुओं और पर्यटकों की आवाजाही का केंद्र बन गया है। इससे होटल, परिवहन, भोजनालय और छोटे व्यवसायों की मांग बढ़ी है, जिससे स्थानीय लोगों को सीधा लाभ मिल रहा है।
मंदिर तेजी से पूर्वी भारत के प्रमुख आध्यात्मिक केंद्र के रूप में उभर रहा है। देश भर के भक्तों के साथ-साथ इस्कॉन समुदाय के कई विदेशी श्रद्धालु भी यहां नियमित रूप से पहुंच रहे हैं। मंदिर प्रशासन के अनुसार यूरोप, अमेरिका, अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया और कई एशियाई देशों से भी बड़ी संख्या में भक्त दीघा आ रहे हैं, जिससे यह स्थल एक अंतरराष्ट्रीय तीर्थ केंद्र के रूप में अपनी पहचान मजबूत कर रहा है।
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