पत्रकार वार्ता: सरकार द्वारा मंदिर माफी की जमीन की नीलामी के फैसले का विरोध
सरकार द्वारा मंदिर माफी की जमीनों की नीलामी के लिए जारी आदेश के विरोध में 5 जुलाई को दोपहर भुजरिया तालाब मंदिर पर एक महत्वपूर्ण पत्रकार वार्ता का आयोजन महंत राघवेंद्र दासजी महाराज व पं. लखन शास्त्री के नेतृत्व में किया गया ।
इस पत्रकार वार्ता में जिले भर के मंदिरों के पुजारी, धर्माचार्य एवं संतगण शामिल हुए। महंत श्री राघवेंद्र दास एवं पंडित लखन शास्त्री ने बताया कि मंदिर की जमीनें धार्मिक आस्था और पूजा-पाठ से जुड़ी हैं। इनकी नीलामी से न केवल धार्मिक भावनाएं आहत होंगी बल्कि मंदिरों का अस्तित्व भी खतरे में पड़ेगा।
इसी मुद्दे को लेकर आगे की रणनीति और विरोध के स्वरूप पर चर्चा की जाएगी। सरकार से आग्रह किया जाएगा और नहीं मानने पर भोपाल में प्रदर्शन किया जाएगा इस दौरान बड़ी संख्या में पुजारीगण एवं धर्मप्रेमीजन उपस्थित रहे

लक्ष्मी नारायण मंदिर भुजरिया तालाब पर मठ मंदिर पुजारी संघ गुना जिले की बैठक आयोजित की गई।बैठक की अध्यक्षता महंत श्री राघवेंद्र दास जी ने की। बैठक का मुख्य उद्देश्य वर्तमान सरकार ने मठ मंदिरों की जो जमीन है उनको नीलाम करने के लिए पुजारियों को भेजे नोटिसहैं।के विरोध शुरू आज मीटिंग रखी गई मीटिंग में यह निर्णय लिया गया कि शीघ्र ही गांव-गांव जाकर मठ मंदिर के पुजारी को इकट्ठा करेंगे ।हर गांव में मीटिंग रखेंगे हर तहसील में ब्लॉक में मीटिंग रखेंगे। इसके बाद भोपाल में धरना प्रदर्शन होगा।यदि सरकार ने हमारी बातों को हमारी मांगों को स्वीकार नहीं किया तो पूरे प्रदेश में उग्र आंदोलन होगा ।जिसकी समस्त जवाबदारी शासन प्रशासन की होगी।पूरे मध्यप्रदेश में यह अभियान चलाया जाएगा। जबकि मठ मंदिर और उनसे लगी हुई जमीन ना सरकार की है ना सरकार ने दी।प्राचीन मंदिर है और जिन्होंने यह मंदिर बनवाये उन दानदाताओं के द्वारा यह जमीन दी गई थी। जिससे मंदिर का रख रखाव उसकी सेवा पूजा और पुजारी का भरण पोषण होता है। यदि सरकार को लग रहा है की जमीन हमारी है संपत्ति हमारी है तो सरकार ले ले लेकिन जो मंदिर का पुजारी है उसको सरकारी कर्मचारी घोषित करें और सरकारी कर्मचारियों को जो वेतन मिलती है जो भत्ते मिलते हैं जो सुविधाएं मिलती हैं उनको प्रदान की जाए।
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