तीन गिरफ्तारियां, दो दशक का आतंकी सफर: शाबिर नहीं बदला, नेटवर्क फैलाता रहा

Tuesday, March 31, 2026 - 11:57
0
तीन गिरफ्तारियां, दो दशक का आतंकी सफर: शाबिर नहीं बदला, नेटवर्क फैलाता रहा

नई दिल्ली (आरएनआई): आतंकवाद के रास्ते पर चल पड़ा शाबिर कानून के शिकंजे और जेल की सजा के बावजूद अपनी हरकतों से बाज नहीं आया। पिछले दो दशकों में तीन बार गिरफ्तारी और सजा झेलने के बाद भी उसमें कोई सुधार नहीं दिखा और वह लगातार लश्कर-ए-तैयबा से जुड़कर अपने आतंकी नेटवर्क को विस्तार देता रहा।

जांच एजेंसियों के अनुसार, शाबिर का कट्टरपंथ की ओर झुकाव वर्ष 2004-05 के दौरान शुरू हुआ, जब वह लश्कर के संपर्क में आया। इसके बाद वह पाकिस्तान जाकर दो बार आतंकी प्रशिक्षण ले चुका है। गांदरबल के कंगन इलाके स्थित उसके घर पर लश्कर के कई कुख्यात आतंकियों—अबू हुजैफा, अबू बकर और फैसल—का आना-जाना रहता था, जहां से उसे संगठन में सक्रिय भूमिका मिली।

पुलिस रिकॉर्ड बताते हैं कि शाबिर को वर्ष 2007 और 2016 में गिरफ्तार किया गया था। 2016 में उसे जम्मू-कश्मीर के परिमपोरा इलाके से हथियारों के साथ पकड़ा गया, उस समय उसके साथ सज्जाद गुल भी मौजूद था। बाद में पाकिस्तान भागा सज्जाद गुल ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ)’ नामक संगठन चला रहा है और उसके जाने के बाद शाबिर भारत और बांग्लादेश में उसका प्रमुख सहयोगी बन गया।

जांच में यह भी सामने आया है कि शाबिर के संपर्क 26/11 हमलों के मास्टरमाइंड हाफिज सईद और ऑपरेशन चीफ जकीउर रहमान लखवी तक थे, जिससे उसकी भूमिका और अधिक गंभीर मानी जा रही है।

हालिया इनपुट के मुताबिक, 2025 में पाकिस्तान में बैठे आतंकी सरगना सुमामा बाबर के निर्देश पर शाबिर ने अपनी रणनीति बदली और कश्मीर के बजाय देश के अन्य राज्यों को निशाना बनाने की योजना बनाई। इसके तहत वह हरियाणा के गुरुग्राम में जाकर बस गया और वहीं से अपने नेटवर्क का विस्तार करने लगा।

बताया गया है कि उसने पश्चिम बंगाल के मालदा निवासी उमर फारूक को अपने प्रभाव में लिया, जिसने दिल्ली के सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन के पास देशविरोधी पोस्टर लगाए। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि शाबिर ने कोलकाता के एक इलाके को अपना नया ठिकाना बना लिया था और वहीं से आतंकी गतिविधियों को संचालित करने की योजना बना रहा था।

एजेंसियों के अनुसार, तमिलनाडु के तिरुपुर में अवैध रूप से रह रहे कुछ बांग्लादेशी नागरिकों को कोलकाता लाकर बड़े हमले की साजिश रची जा रही थी। दिल्ली और कोलकाता में लगाए गए पोस्टरों को भी इसी योजना का हिस्सा माना जा रहा है। पुलिस का कहना है कि यह पूरी गतिविधि एक तरह की ‘टेस्टिंग’ थी, जिसके जरिए नए भर्ती किए गए लोगों की क्षमता और गोपनीयता बनाए रखने की जांच की जा रही थी।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0
RNI News

Reportage News International (RNI) is India's growing news website which is an digital platform to news, ideas and content based article. Destination where you can catch latest happenings from all over the globe Enhancing the strength of journalism independent and unbiased.

Comments (0)

User