'जीरो टॉलरेंस' पर सवाल: भाजपा की पूर्व पदाधिकारी ने JE पर ₹25 हजार रिश्वत मांगने का लगाया आरोप
मीरजापुर (आरएनआई) आज उत्तर प्रदेश की जनता के सामने "जीरो टॉलरेंस" का ढोंग करने वाली इस भाजपा सरकार की असलियत पूरी तरह नग्न हो चुकी है। जिस सरकार के मुख्यमंत्री ईमानदारी का ढिंढोरा पीटते नहीं थकते, आज उसी सरकार के राज में भ्रष्टाचार का दानव खुद उनके ही अपनों को निगल रहा है।
भाजपा की महिला मोर्चा की पूर्व अध्यक्ष, पूर्व जिला उपाध्यक्ष और इसी सरकार द्वारा मनोनीत पूर्व सभासद जब अपने बेटे के नाम पर एक नया बिजली कनेक्शन लेने बिजली दफ्तर जाती हैं, तो वहां का जूनियर इंजीनियर (JE) उनसे 25,000 रुपये की घूस मांगता है। और जब वो पैसा देने से इनकार करती हैं, तो उन्हें अपशब्द बोलकर, जलील करके दफ्तर से धक्का मारकर भगा दिया जाता है।
सांसद और विधायक से पूछना चाहता हूँ—आप लोग किस बिल में मुंह छिपाकर बैठे हैं? चुनाव के समय तो आप जनता के बीच लच्छेदार भाषण देने आ जाते हैं, लेकिन आज जब आपके अपने ही कार्यकर्ता और क्षेत्र की जनता को अधिकारी सरेआम जलील कर रहे हैं, तो आपकी जुबान पर ताला क्यों लगा हुआ है? क्या इस ₹25,000 की घूस की मलाई में आपका भी कोई हिस्सा तय है, जो आप मौन साधे हुए हैं? आपकी यह चुप्पी साबित करती है कि आप जनता के प्रतिनिधि नहीं, बल्कि भ्रष्ट तंत्र के संरक्षक हैं।
माननीय मुख्यमंत्री जी, कहां गया आपका वह "भ्रष्टाचार पर बुलडोज़र"? आपकी नाक के नीचे बिजली विभाग उगाही का अड्डा बन चुका है। जब आपकी अपनी पार्टी की वरिष्ठ महिला पदाधिकारी सुरक्षित नहीं हैं, जब उन्हें एक अदद बिजली कनेक्शन के लिए अपमानित होना पड़ रहा है, तो इस प्रदेश की आम जनता, गरीब किसान और व्यापारियों की क्या बिसात है? यह 'रामराज्य' है या 'रिश्वतराज'?
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