कानपुर में बिजली दरों पर जनसुनवाई बनी भावनाओं का मंच, प्रीपेड मीटर पर फूटा उपभोक्ताओं का गुस्सा

Tuesday, April 7, 2026 - 12:00
0
कानपुर में बिजली दरों पर जनसुनवाई बनी भावनाओं का मंच, प्रीपेड मीटर पर फूटा उपभोक्ताओं का गुस्सा

कानपुर (आरएनआई) कानपुर में बिजली दरों को लेकर आयोजित जनसुनवाई उस समय भावनात्मक और तीखी बहस का केंद्र बन गई, जब स्मार्ट प्रीपेड मीटर से परेशान उपभोक्ताओं का दर्द खुलकर सामने आया। उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग के तत्वावधान में केस्को द्वारा स्पोर्ट्स हब ऑडिटोरियम में आयोजित इस जनसुनवाई में सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक उपभोक्ताओं ने अपनी समस्याएं रखीं। बैठक की अध्यक्षता आयोग के अध्यक्ष अरविंद कुमार ने की, जबकि सदस्य संजय कुमार सिंह भी मौजूद रहे।

कार्यक्रम की शुरुआत केस्को प्रबंधन के प्रस्तुतीकरण से हुई, जिसमें कंपनी की वर्तमान स्थिति और भविष्य की योजनाओं को बताया गया, लेकिन जैसे ही आम उपभोक्ताओं को बोलने का मौका मिला, माहौल बदल गया। कई उपभोक्ता प्रीपेड मीटर की समस्याओं से इतने परेशान दिखे कि अपनी बात रखते-रखते भावुक होकर रो पड़े। उन्होंने आरोप लगाया कि न तो उनकी शिकायतों का समाधान हो रहा है और न ही कोई सुनवाई करने वाला है, जिससे वे आर्थिक संकट में फंसते जा रहे हैं।

इस दौरान उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने आक्रामक रुख अपनाते हुए बिजली कंपनियों पर गंभीर आरोप लगाए। परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि प्रदेश के लाखों उपभोक्ताओं के घरों में बिना सहमति के स्मार्ट मीटर को प्रीपेड मोड में बदल दिया गया है और नए कनेक्शन भी जबरन प्रीपेड दिए जा रहे हैं, जो विद्युत अधिनियम 2003 के प्रावधानों का उल्लंघन है। उन्होंने खुले मंच से ही आयोग के समक्ष धारा 142 के तहत अवमानना याचिका सौंपते हुए जिम्मेदार अधिकारियों और कंपनियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

वर्मा ने यह भी दावा किया कि प्रदेश की बिजली कंपनियों पर उपभोक्ताओं का 51 हजार करोड़ रुपये से अधिक का सरप्लस है, ऐसे में बिजली दरों में बढ़ोतरी का कोई औचित्य नहीं बनता। उन्होंने 45 प्रतिशत तक दरों में कटौती या अगले पांच वर्षों तक हर साल 8 प्रतिशत की कमी की मांग रखी। साथ ही, उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि जो उपभोक्ता स्वेच्छा से प्रीपेड मीटर अपनाते हैं, उन्हें कम से कम 5 प्रतिशत की छूट दी जानी चाहिए।

जनसुनवाई में बड़ी संख्या में पहुंचे उपभोक्ताओं ने वर्टिकल व्यवस्था और शिकायत निवारण तंत्र की नाकामी पर भी नाराजगी जताई। कई लोगों ने कहा कि 1912 हेल्पलाइन भी प्रभावी नहीं है और समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं।

अंत में आयोग के अध्यक्ष ने सभी पक्षों को भरोसा दिलाया कि पूरे मामले का संयुक्त निरीक्षण किया जाएगा और जल्द ही उचित निर्णय लिया जाएगा। लेकिन इस जनसुनवाई ने साफ कर दिया कि प्रीपेड मीटर का मुद्दा अब केवल तकनीकी नहीं, बल्कि आम जनता की रोजमर्रा की परेशानियों और भावनाओं से जुड़ा बड़ा सवाल बन चुका है।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0
RNI News

Reportage News International (RNI) is India's growing news website which is an digital platform to news, ideas and content based article. Destination where you can catch latest happenings from all over the globe Enhancing the strength of journalism independent and unbiased.

Comments (0)

User