एमपी में शिक्षकों के ऊपर लटकी तलवार, 12 अक्टूबर से परीक्षा, फेल हुए तो गई नौकरी
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद मध्य प्रदेश के करीब डेढ़ लाख से अधिक शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) को लेकर बड़ा बदलाव हुआ है। जिन शिक्षकों की सेवानिवृत्ति में 5 साल से अधिक समय बचा है, उन्हें TET उत्तीर्ण करना जरूरी होगा। सुप्रीम कोर्ट ने बाद में इस परीक्षा को पास करने की समय-सीमा बढ़ाकर 31 अगस्त 2028 तक कर दी है।
3 साल में पास करनी होगी परीक्षा-
सुप्रीम कोर्ट के संशोधित निर्देशों के अनुसार संबंधित शिक्षकों को TET पास करने के लिए अब तीन साल का समय दिया गया है। तय अवधि में परीक्षा पास नहीं करने पर सेवा जारी रखने में परेशानी हो सकती है और नियमानुसार सेवा से अलग या अनिवार्य सेवानिवृत्ति की कार्रवाई का प्रावधान है।
5 साल से कम सेवा वालों को राहत-
जिन शिक्षकों की सेवानिवृत्ति में 5 साल से कम समय बचा है, उन्हें TET पास करने से छूट दी गई है। हालांकि, अगर ऐसे शिक्षक भविष्य में पदोन्नति चाहते हैं तो TET उत्तीर्ण करना जरूरी होगा।
शिक्षकों में बढ़ी चिंता-
इस फैसले के बाद मध्य प्रदेश के बड़ी संख्या में शिक्षक अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं। करीब डेढ़ लाख से अधिक शिक्षकों पर इसका असर पड़ने की बात सामने आई है और शिक्षक संगठनों की ओर से भी इस मुद्दे को लेकर लगातार सवाल उठाए गए हैं।
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