CJI सूर्यकांत को दीक्षांत समारोह में बुलाने पर छात्रों का विरोध, बोले- संवैधानिक मूल्यों से मेल नहीं खाता फैसला
हैदराबाद स्थित नालसार यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ के कुछ छात्रों ने आगामी दीक्षांत समारोह में सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्यकांत को मुख्य अतिथि के रूप में बुलाए जाने का विरोध किया है। छात्रों ने इस संबंध में विश्वविद्यालय के कुलपति, रजिस्ट्रार और प्रोफेसरों को ईमेल भेजकर फैसले पर पुनर्विचार की मांग की है।
छात्रों ने 23 जुलाई को भेजे ईमेल में हाल में जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कथित पुलिस बर्बरता से जुड़ी याचिका का भी उल्लेख किया। छात्रों के अनुसार, इस मामले में तत्काल सुनवाई से इनकार किया गया था। उनका दावा है कि जब वरिष्ठ वकील ने कथित ज्यादती के वीडियो सबूत दिखाने की कोशिश की, तब अदालत की ओर से वीडियो देखने में रुचि नहीं दिखाई गई।
छात्रों ने संवैधानिक मूल्यों का दिया हवाला
छात्रों ने अपने ईमेल में कहा कि कानून के छात्रों के लिए दीक्षांत समारोह केवल डिग्री प्राप्त करने का अवसर नहीं है, बल्कि यह विश्वविद्यालय के मूल्यों को प्रतिबिंबित करने वाला महत्वपूर्ण अवसर भी है। इनमें संवैधानिक अधिकारों के प्रति प्रतिबद्धता, न्याय तक पहुंच और नागरिकों की शिकायतों पर तर्कसंगत तरीके से विचार करना शामिल है।
छात्रों का कहना है कि ऐसे व्यक्ति के हाथों डिग्री लेना, जिनके हालिया सार्वजनिक आचरण को वे पुलिस बर्बरता के गंभीर आरोपों के प्रति उदासीन मानते हैं, उनके अनुसार नालसार में सीखे गए मूल्यों के अनुरूप नहीं है।
छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से मुख्य अतिथि के रूप में CJI को आमंत्रित करने के फैसले पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया है।
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