आरएसएस पर राहुल गांधी के बयान से विवाद, विहिप ने लगाया बौद्धिक दिवालियापन का आरोप
नई दिल्ली। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) को संविधान विरोधी संगठन बताने वाले कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बयान पर विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। विहिप के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने राहुल गांधी पर बौद्धिक दिवालियापन का आरोप लगाते हुए कहा कि वह बार-बार अपने ही बयानों में उलझ जाते हैं। यह विवाद आरएसएस के स्थापना दिवस पर राहुल गांधी की ओर से सोशल मीडिया पर की गई टिप्पणी के बाद सामने आया है।
राहुल गांधी ने अपने बयान में आरएसएस को ऐसा संगठन बताया था, जिसमें केवल पुरुष शामिल होते हैं और जो महिलाओं को पुरुषों की संपत्ति मानता है। उन्होंने कहा कि वह शिव-शक्ति में विश्वास रखते हैं और इसी वजह से आरएसएस के खिलाफ लड़ने में उन्हें खुशी मिलती है। उन्होंने यह भी दावा किया कि संघ से जुड़ी कई महिलाएं उनके पक्ष में हैं।
राहुल गांधी की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए विनोद बंसल ने उनके दावे पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी पहले भी सरकारी अधिकारियों, पुलिसकर्मियों और सुरक्षा बलों के लोगों के समर्थन में होने की बात कह चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद वह लगातार सड़कों पर आंदोलन करते नजर आते हैं।
बंसल ने राहुल गांधी पर धर्म का राजनीतिक इस्तेमाल करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी कभी हिंदुत्व की शक्ति के खिलाफ लड़ने की बात करते हैं और कभी शिव-शक्ति में विश्वास जताते हैं। विहिप प्रवक्ता ने इसे विरोधाभासी बताते हुए अन्य धार्मिक समुदायों में महिलाओं की स्थिति को लेकर भी सवाल उठाए। ये टिप्पणियां विहिप की ओर से लगाए गए आरोप हैं।
विहिप ने अपने बयान में हिंदू समाज में महिलाओं को दिए जाने वाले सम्मान और धार्मिक नेतृत्व में उनकी भूमिका का भी उल्लेख किया। बंसल ने राहुल गांधी से राजनीतिक विरोध के दौरान भाषा की मर्यादा बनाए रखने की अपील की।
इस बयानबाजी के बीच आरएसएस और कांग्रेस के बीच वैचारिक मतभेद एक बार फिर चर्चा में हैं। राहुल गांधी ने संविधान, महिलाओं की स्थिति और संघ की विचारधारा को लेकर सवाल उठाए हैं, जबकि विहिप ने उनके दावों और धार्मिक संदर्भों पर आपत्ति जताई है। दोनों पक्षों के बयान राजनीतिक बहस का हिस्सा हैं।
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