एनवीडिया प्रमुख जेन्सन हुआंग की चिंता, बोले- एआई का भविष्य अब एल्गोरिदम नहीं, जमीन और बिजली तय करेगी
नई दिल्ली। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के तेजी से बढ़ते विस्तार के बीच एनवीडिया के सीईओ जेन्सन हुआंग ने एआई उद्योग के सामने उभर रही एक बड़ी चुनौती को लेकर चिंता जताई है। हुआंग के मुताबिक, आने वाले समय में एआई का विकास केवल बेहतर एल्गोरिदम या चिप्स पर निर्भर नहीं रहेगा, बल्कि जमीन, बिजली और बड़े डेटा सेंटरों जैसे भौतिक संसाधन इसकी रफ्तार तय करेंगे।
हुआंग ने एआई के लिए तैयार किए जा रहे विशाल डेटा सेंटरों को ‘एआई फैक्ट्रियां’ बताया है। उनके अनुसार, ये ऐसे इंफ्रास्ट्रक्चर हैं जहां बिजली, डेटा और कंप्यूटिंग क्षमता को व्यावसायिक इस्तेमाल के लिए एआई इंटेलिजेंस में बदला जाता है। एआई मॉडल के बढ़ते आकार और कंप्यूटिंग जरूरतों के कारण इन सुविधाओं की मांग तेजी से बढ़ रही है।
एनवीडिया प्रमुख के मुताबिक, प्रमुख एआई कंपनियों की कंप्यूटिंग क्षमता की जरूरत उनके मौजूदा इंफ्रास्ट्रक्चर जुटाने की क्षमता से कहीं अधिक तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में कंपनियों के विस्तार की गति इस बात पर निर्भर करेगी कि उन्हें कितनी जल्दी पर्याप्त जमीन, बिजली और डेटा सेंटर क्षमता उपलब्ध हो पाती है।
इस बदलती स्थिति के बीच जमीन और बिजली एआई उद्योग के लिए रणनीतिक संसाधन बनते जा रहे हैं। अब केवल अत्याधुनिक सेमीकंडक्टर और शक्तिशाली कंप्यूटिंग सिस्टम तैयार करना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि उन्हें चलाने के लिए बड़े पैमाने पर बिजली और उपयुक्त स्थान उपलब्ध कराना भी उतना ही महत्वपूर्ण होगा।
इसी चुनौती से निपटने के लिए एनवीडिया ने इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े सौदों में भी सक्रिय भूमिका शुरू की है। कंपनी ने ओहायो के पोर्ट्समाउथ स्थित ‘पोर्ट्स-पाइक टेक्नोलॉजी कैंपस’ में जमीन, बिजली और डेटा सेंटर क्षमता सुरक्षित करने के लिए एसबी एनर्जी के साथ समझौता किया है।
इस घटनाक्रम से संकेत मिलता है कि एआई उद्योग का अगला चरण केवल सॉफ्टवेयर और चिप तकनीक की प्रतिस्पर्धा तक सीमित नहीं रहेगा। आने वाले समय में बिजली की उपलब्धता, डेटा सेंटरों का निर्माण और उनके लिए उपयुक्त जमीन हासिल करना भी एआई कंपनियों की रणनीति का अहम हिस्सा बन सकता है।
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