NEET-UG को कंप्यूटर आधारित कराने की मांग लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंची याचिका
Supreme Court of India में दायर एक नई याचिका में NEET-UG परीक्षा को तुरंत कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) मोड में कराने की मांग की गई है। याचिका में कहा गया है कि लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों ने मौजूदा पेन-पेपर प्रणाली की सुरक्षा और विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया है कि National Testing Agency का वर्तमान परीक्षा संचालन मॉडल सुरक्षित नहीं रह गया है। याचिका में परीक्षा के पेन-पेपर सिस्टम को समाप्त करने, NTA की जगह नई स्वतंत्र संस्था गठित करने और 21 जून को प्रस्तावित री-टेस्ट को ऑनलाइन मोड में कराने की मांग भी की गई है।
याचिका में कहा गया है कि 2024 के NEET विवाद के बाद पूर्व इसरो प्रमुख K Radhakrishnan की अध्यक्षता वाली समिति ने परीक्षा प्रणाली में सुधार संबंधी कई सिफारिशें दी थीं। इसके बावजूद 2026 की परीक्षा पुराने तरीके से आयोजित की गई। याचिका के अनुसार प्रश्नपत्रों की छपाई, परिवहन और भंडारण की प्रक्रिया में कई ऐसे चरण होते हैं जहां पेपर लीक होने की आशंका बनी रहती है।
याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि केंद्र सरकार पहले ही 2027 से NEET-UG को कंप्यूटर आधारित करने की घोषणा कर चुकी है। इससे यह स्पष्ट है कि सरकार भी डिजिटल प्रणाली को अधिक सुरक्षित मानती है। ऐसे में इसे लागू करने में देरी करने का कोई औचित्य नहीं है।
याचिका में यह भी कहा गया है कि कंप्यूटर आधारित परीक्षा प्रणाली में डिजिटल एन्क्रिप्शन, बायोमेट्रिक सत्यापन और AI आधारित निगरानी जैसी आधुनिक सुरक्षा तकनीकों का उपयोग किया जा सकता है, जिससे गड़बड़ी और पेपर लीक की संभावना काफी कम हो जाएगी।
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