चक्रवात अर्नब कमजोर पड़ा, आंध्र प्रदेश और ओडिशा में भारी बारिश का अलर्ट
भुवनेश्वर। चक्रवात अर्नब के आंध्र प्रदेश के तट से टकराने के बाद इसकी तीव्रता में कमी आई है, लेकिन ओडिशा और आंध्र प्रदेश के कई जिलों में तेज हवाओं और भारी बारिश का खतरा बना हुआ है। आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में आंधी के कारण कई पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ गए हैं। मौसम विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में सतर्कता बरतने और प्रशासन को राहत एवं बचाव कार्यों के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं।
भुवनेश्वर स्थित क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र की निदेशक मनोरमा मोहंती के अनुसार, तूफान के आगे बढ़ने के दौरान हवा की रफ्तार 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे रह सकती है, जबकि झोंकों की गति 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक, चक्रवात के प्रभाव से दक्षिणी ओडिशा के कई हिस्सों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है।

मलकानगिरी, कोरापुट, नबरंगपुर, रायगड़ा, गजपति और कालाहांडी जिलों में अत्यधिक भारी बारिश की आशंका के चलते रेड अलर्ट जारी किया गया है। इन इलाकों में 20 सेंटीमीटर से अधिक बारिश होने और तेज हवाएं चलने का अनुमान है। लगातार बारिश से निचले इलाकों में जलभराव और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन को संवेदनशील स्थानों पर निगरानी रखने और जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए तैयार रहने को कहा गया है।
इसके अलावा बारगढ़, सुबरनपुर, बौध, नुआपाड़ा, बलांगीर, कंधमाल, पुरी, खुर्दा और नयागढ़ जिलों में भी भारी से बहुत भारी बारिश तथा 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। 29 अक्टूबर के लिए सुंदरगढ़, झारसुगुड़ा और बारगढ़ में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
चक्रवात के प्रभाव को देखते हुए तटीय क्षेत्रों में राहत और बचाव व्यवस्था मजबूत की गई है। लोगों को समुद्र के पास जाने से बचने, कमजोर इमारतों और पेड़ों के नीचे शरण नहीं लेने तथा मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी गई है। तूफान कमजोर पड़ने के बावजूद भारी बारिश और तेज हवाओं का खतरा पूरी तरह टला नहीं है।
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