JPSC-JSSC विवाद: रांची में छात्र आंदोलन के बीच नेहा बोरा पर स्याही फेंकी गई, सीएम हेमंत सोरेन बोले- सरकार बातचीत को तैयार
झारखंड में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर जारी छात्र आंदोलन के बीच राजनीतिक और सामाजिक हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि राज्य सरकार छात्रों से बातचीत के लिए पूरी तरह तैयार है और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए व्यापक सुधारों की दिशा में काम करना चाहती है। वहीं, रांची में आंदोलन स्थल पर छात्रों के समर्थन में पहुंचीं ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा पर स्याही फेंके जाने से विवाद और बढ़ गया।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि सरकार पहले ही संवाद का माध्यम तय कर चुकी है और हर छात्र की बात सुनने को तैयार है। उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों की अपेक्षाओं के अनुरूप भर्ती प्रक्रिया में सुधार लाने और उनकी जिज्ञासाओं का समाधान करने के लिए गंभीरता से काम करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश के छात्र-छात्राएं खुलकर अपने सुझाव दे सकते हैं और सरकार उन्हें ध्यान में रखते हुए आगे बढ़ेगी।
इधर, रांची के आंदोलन स्थल पर नेहा बोरा पर स्याही फेंक दी गई। घटना के बाद उन्होंने कहा कि "यह साधारण स्याही हमारा क्या बिगाड़ लेगी।" पुलिस ने मौके से स्याही फेंकने वाले युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
इस बीच झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के विधायक जयराम महतो ने JPSC प्रारंभिक परीक्षा में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि जिन लोगों पर सवाल उठ रहे हैं, उनके साथ-साथ संबंधित भर्ती परीक्षाओं और परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी की भी व्यापक जांच कराई जानी चाहिए।
वहीं, केंद्रीय मंत्री संजय सेठ ने छात्र आंदोलन के मुद्दे पर राहुल गांधी को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि यदि राहुल गांधी वास्तव में छात्रों के पक्ष में हैं तो उन्हें मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से CBI जांच की मांग करनी चाहिए थी। उनके अनुसार केवल बयान देने से छात्रों की समस्याओं का समाधान नहीं होगा।
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