आय बढ़ी, खर्च घटा, व्यवस्थाएं हुईं डिजिटल; संघ प्रिय के कार्यकाल में ग्वालियर निगम में बड़े बदलाव
विष्णु अग्रवाल
ग्वालियर। नगर निगम ग्वालियर में आयुक्त श्री संघ प्रिय के कार्यकाल में प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, डिजिटल और जवाबदेह बनाने के साथ-साथ निगम की आय बढ़ाने, व्यय कम करने तथा नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। स्वच्छता, सीवर, जल निकासी, स्ट्रीट लाइट और राजस्व व्यवस्था में किए गए सुधारों से निगम की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस पहल हुई है।
संपत्ति कर नामांतरण हुआ ऑनलाइन, राजस्व वसूली में लगातार वृद्धि
संपत्ति कर नामांतरण की प्रक्रिया को ई-नगरपालिका पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन किया गया है। इससे पहले संचालित ऑफलाइन फाइल प्रक्रिया के स्थान पर अब अधिक पारदर्शी, सरल और तेज व्यवस्था लागू हुई है।
संपत्ति कर वसूली में भी लगातार वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2023-24 में 92 करोड़ रुपये, वर्ष 2024-25 में 106 करोड़ रुपये तथा वर्ष 2025-26 में 116 करोड़ रुपये की वसूली हुई।
एनर्जी ऑडिट से विद्युत व्यय में बड़ी बचत की तैयारी
नगर निगम के विद्युत व्यय को कम करने के उद्देश्य से व्यापक एनर्जी ऑडिट कराया गया है। इसके तहत 3,600 एलटी एवं 17 एचटी कनेक्शनों पर स्मार्ट मीटर लगाने की कार्रवाई की जा रही है, जिसका लगभग 80 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है।
इस पहल से वर्तमान में लगभग 12 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष की विद्युत बचत हो रही है। एनर्जी ऑडिट पूर्ण होने के बाद विद्युत बिल में न्यूनतम 20 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष की कमी आने का अनुमान है।
कचरे के पहाड़ रोकने के लिए फ्रेश वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट
शहर में कचरे के ढेर बनने से रोकने और उसके वैज्ञानिक निष्पादन के लिए फ्रेश वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित किया गया है। वर्तमान में प्रतिदिन लगभग 300 मीट्रिक टन कचरे का प्रसंस्करण किया जा रहा है। आगामी दो माह में इसकी क्षमता बढ़ाकर 600 मीट्रिक टन प्रतिदिन करने का लक्ष्य रखा गया है।
महत्वपूर्ण बात यह है कि क्षमता विस्तार से निगम पर कोई अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं आएगा।
डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण व्यवस्था होगी और मजबूत
स्वच्छता व्यवस्था को और सुदृढ़ करने के लिए लगभग 30 डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण वाहन खरीदे जा चुके हैं, जबकि 39 अतिरिक्त वाहनों का क्रय आदेश जारी किया गया है।
स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत कर्मचारियों की कार्यप्रणाली में सुधार और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए भी अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है। 50 से अधिक कर्मचारियों के इंक्रीमेंट रोकने, सेवा समाप्ति सहित अन्य कार्रवाई की गई है।
स्ट्रीट लाइट व्यवस्था निगम के सीधे नियंत्रण में
शहर की स्ट्रीट लाइट व्यवस्था को स्मार्ट सिटी के माध्यम से संचालित व्यवस्था से निगम के स्तर पर लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। पूर्व में एचपीएल कंपनी द्वारा किए जाने वाले संधारण कार्य को अब निगम के सीधे नियंत्रण में लाने से शिकायतों के निराकरण और व्यवस्था की निगरानी में सुधार हुआ है।
सीवर व्यवस्था में बड़ा बदलाव, निगम स्वयं संभालेगा संधारण
सीवर समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए नगर निगम ने दो सुपर सकर मशीनें खरीदी हैं तथा 94 समस्याग्रस्त स्थान चिन्हित किए गए हैं।
परिषद के ठहराव के अनुसार ठेकेदार आधारित व्यवस्था को समाप्त कर सीवर संधारण का कार्य निगम स्तर से करने की तैयारी पूरी कर ली गई है। प्रथम चरण में 25 अगस्त से 10 वार्डों में यह व्यवस्था लागू की जाएगी।
इसके अतिरिक्त 22 डीसिल्टिंग मशीनों का कार्यादेश जारी किया गया है। आगामी दो माह में पूरे शहर में निगम स्तर से सीवर संधारण व्यवस्था लागू करने की योजना है।
जलभराव से राहत के लिए 140 स्थानों पर कार्य
विगत वर्ष चिन्हित किए गए 227 जलभराव वाले स्थानों में से बजट उपलब्धता के आधार पर 140 स्थानों पर आवश्यक कार्य कराए जा चुके हैं। शेष स्थानों पर भी कार्य जारी है।
शहर की जल निकासी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 77 नालों को स्वीकृति दी गई है।
निगम की आय बढ़ाने के लिए नए स्रोत विकसित
नगर निगम की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए आय के नए स्रोत विकसित किए जा रहे हैं। भवन अनुज्ञा में सुधार शुल्क का प्रावधान जोड़ने की कार्रवाई की गई है, जिससे अनुमानित रूप से कम से कम 10 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष अतिरिक्त आय होने की संभावना है।
इसके साथ ही निगम की खाली दुकानों एवं संपत्तियों को लीज अथवा किराए पर देने की कार्रवाई की गई है। जलकर की दरों को वर्तमान परिस्थितियों के अनुरूप करने का प्रस्ताव भी परिषद के समक्ष प्रस्तुत किया गया है।
हुरावली और सागरताल में कमर्शियल प्रोजेक्ट से 300 करोड़ की संभावित आय
हुरावली एवं सागरताल स्थित निगम की भूमि पर बड़े कमर्शियल प्रोजेक्ट स्वीकृत कराए गए हैं। आवश्यक अनुमतियां प्राप्त होने के बाद निविदा प्रक्रिया की तैयारी की जा रही है।
इन परियोजनाओं के क्रियान्वयन से नगर निगम को लगभग 300 करोड़ रुपये की संभावित आय होने का अनुमान है।
प्रमुख विकास परियोजनाओं को मिली गति
आयुक्त श्री संघ प्रिय के कार्यकाल में विभिन्न महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं को भी गति मिली है।
फूटी कॉलोनी आवास परियोजना पूर्ण हो चुकी है और हितग्राहियों को अधिपत्य देने की प्रक्रिया जारी है। मोती महल म्यूजियम का सिविल कार्य पूर्ण हो चुका है और कलाकृतियां स्थापित की जा रही हैं।
नवीन परिषद भवन का कार्य अक्टूबर 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य है। थीम पार्क, द्वार एवं इंडस्ट्रियल म्यूजियम का कार्य पूर्ण कराया गया है।
मल्टीलेवल कार पार्किंग का कार्य सितंबर 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य है, जबकि कन्वेंशन सेंटर को फरवरी 2027 से आमजन के लिए खोलने की तैयारी है।
ई-ऑफिस और ई-अटेंडेंस से प्रशासनिक कार्यप्रणाली में डिजिटल बदलाव
नगर निगम में ई-ऑफिस एवं ई-अटेंडेंस व्यवस्था लागू की गई है। इससे कार्यालयीन कार्यप्रणाली अधिक पेपरलेस, पारदर्शी और जवाबदेह हुई है।
आयुक्त श्री संघ प्रिय के कार्यकाल में डिजिटल व्यवस्था, वित्तीय अनुशासन, आय के नए स्रोत, व्यय में कमी और नागरिक सुविधाओं में सुधार—इन सभी क्षेत्रों पर एक साथ काम किया गया है।
इन पहलों और परियोजनाओं के पूर्ण होने के साथ आने वाले समय में ग्वालियर नगर निगम की आर्थिक क्षमता, प्रशासनिक दक्षता और नागरिक सुविधाओं को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।
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