यूपी एमएलसी चुनाव: मेरठ की दोनों सीटों पर भाजपा जीती, आगरा में मतगणना पर विवाद
लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 11 सीटों के लिए मतगणना के दौरान कई निर्वाचन क्षेत्रों में भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। मेरठ की स्नातक और शिक्षक, दोनों सीटों पर भाजपा ने जीत दर्ज की, जबकि वाराणसी और आगरा समेत कुछ क्षेत्रों में सपा प्रत्याशियों ने बढ़त बनाई। मतपत्रों की गिनती और वरीयता के आधार पर परिणाम तय होने के कारण कई सीटों पर मतगणना देर तक जारी रही।

मेरठ स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा के दिनेश गोयल ने सपा प्रत्याशी प्रमेंद्र सिंह भाटी को 12,855 मतों से हराया। वहीं, मेरठ-सहारनपुर शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा के श्रीचंद शर्मा ने सपा के नितिन तोमर को 13,241 मतों से पराजित किया। दोनों सीटों पर जीत के बाद भाजपा नेताओं ने प्रत्याशियों को बधाई दी।
वाराणसी शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में सपा के लाल बिहारी यादव बढ़त बनाए हुए थे। उनके समर्थकों ने जीत की उम्मीद में जश्न भी शुरू कर दिया, हालांकि उस समय अंतिम परिणाम की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई थी। गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा के ध्रुव त्रिपाठी और सपा प्रत्याशी डॉ. संजयन त्रिपाठी के बीच मुकाबला जारी रहा। शुरुआती रुझानों में ध्रुव त्रिपाठी आगे बताए गए।

आगरा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की मतगणना के दौरान विवाद सामने आया। सपा प्रत्याशी डॉ. आकाश अग्रवाल ने दूसरे राउंड के बाद 12,188 मत प्राप्त किए, जबकि भाजपा प्रत्याशी हरि किशोर तिवारी को 8,820 मत मिले। इस तरह आकाश अग्रवाल 3,368 मतों से आगे थे। हालांकि, पहली वरीयता के मतों में किसी प्रत्याशी को आवश्यक बहुमत नहीं मिलने की स्थिति में दूसरी वरीयता के मतों की गिनती से परिणाम तय किया जाना था। मतगणना रोके जाने की सूचना पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग से पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की और अधिकारियों पर कथित अनियमितताओं को लेकर कार्रवाई की चेतावनी दी। ये आरोप सपा की ओर से लगाए गए थे।

आगरा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में भी मतगणना जारी रही। पहले राउंड में भाजपा प्रत्याशी मानवेंद्र सिंह गुरुजी को 5,844 और सपा प्रत्याशी शशांक यादव को 5,134 मत मिले। निर्दलीय प्रत्याशी अंबरीश पाल सिंह 1,374 मतों के साथ तीसरे स्थान पर रहे। पहले राउंड में कुल 13,990 मतों की गिनती हुई, जिनमें 928 मत निरस्त पाए गए। इस सीट का अंतिम परिणाम कई चरणों की मतगणना पूरी होने के बाद घोषित होना था।

इन चुनावों में पांच स्नातक और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की कुल 11 सीटों के लिए 152 प्रत्याशी मैदान में हैं। मतदान 23 अक्टूबर को हुआ था और मतपत्रों के जरिए वोट डाले गए थे। वरीयता आधारित मतगणना के कारण परिणाम घोषित होने में समय लग रहा है। निर्वाचन अधिकारियों की ओर से अंतिम नतीजों की आधिकारिक घोषणा के बाद ही सभी सीटों पर स्थिति स्पष्ट होगी।
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