CISF की नई पहल: यमुना किनारे तैयार होगा ‘ग्रीन बैरियर’, 20 लाख तक खस के पौधे लगाने का लक्ष्य
नई दिल्ली। एयरपोर्ट, मेट्रो और विभिन्न महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा में तैनात केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) अब पर्यावरण संरक्षण को लेकर भी बड़े स्तर पर अभियान चला रहा है। मिट्टी के कटाव को रोकने और हरित क्षेत्र बढ़ाने के लिए CISF ने खस यानी वेटिवर के पौधों का बड़े पैमाने पर रोपण शुरू किया है।
‘CISF खस रोपण पहल 2026’ के तहत बल की विभिन्न यूनिटों और नर्सरियों में करीब 15 से 20 लाख खस के पौधे लगाने की योजना है। खस की जड़ें मिट्टी को बांधने में मदद करती हैं, जिससे मिट्टी के कटाव को रोकने और संवेदनशील क्षेत्रों की सुरक्षा में मदद मिल सकती है।
यमुना किनारे एक लाख से ज्यादा खस स्लिप्स का रोपण
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान से प्रेरित होकर CISF के महानिदेशक प्रवीर रंजन ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ दिल्ली के गंगा विहार, सराय काले खां के पास यमुना तट पर वृक्षारोपण अभियान का नेतृत्व किया। यहां खस की एक लाख से अधिक स्लिप्स के साथ विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए गए।
इस अभियान के लिए दिल्ली विकास प्राधिकरण ने यमुना रिवरफ्रंट पर करीब छह एकड़ जमीन उपलब्ध कराई है। वहीं, दिल्ली वन विभाग की ओर से भी 1,000 पौधे उपलब्ध कराए गए।
‘ग्रीन बैरियर’ तैयार करने की पहल
CISF के अनुसार, पेड़ों के साथ खस का रोपण तेजी से हरियाली विकसित करने और मिट्टी को स्थिर रखने में मदद करता है। इससे यमुना तट जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में प्रभावी ‘ग्रीन बैरियर’ तैयार किया जा सकता है।
अभियान के दौरान खस के अलावा सेमल, करंज, आंवला, जंगल जलेबी, अर्जुन, कचनार और मोरिंगा जैसे पौधे भी लगाए गए।
40 लाख से ज्यादा पेड़ लगाने का दावा
CISF के मुताबिक, बल की देशव्यापी हरियाली मुहिम के तहत अब तक 40 लाख से अधिक पेड़ लगाए जा चुके हैं। खस रोपण अभियान को इसी पर्यावरण संरक्षण अभियान का विस्तार बताया जा रहा है।
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