IPS-CBI बनकर साइबर ठगों ने रिटायर्ड अफसर को किया ‘डिजिटल अरेस्ट’, 1.12 करोड़ की ठगी

Monday, January 12, 2026 - 14:09
Updated: 9 months ago
0

ग्वालियर (आरएनआई) नए साल में प्रदेश में आया पहला बड़ा डिजिटल अरेस्ट का मामला।

एक 75 वर्षीय रिटायर्ड उप पंजीयक बिहारी लाल गुप्ता को डिजिटल अरेस्ट रख ठगे 1.12 करोड़ रुपए।

ठगों ने IPS और CBI अधिकारी बनकर लॉन्ड्रिंग केस में फंसाने का डर दिखाकर दिया है एक करोड़ से ज्यादा की ठगी को अंजाम।

ठगों ने IPS अधिकारी बनकर पहले बुजुर्ग से घर के सदस्यों एवं संपत्ति व बैंक बैलेंस की ली थी जानकारी। 

ठगों ने बुजुर्ग को पहले तत्काल गिरफ्तार न करते हुए प्री इन्वेस्टिगेशन का मौका देकर लिखवाया था CBI के नाम का आवेदन।

इसके बाद CBI अधिकारी बनकर बुजुर्ग को डराया गया कि उनकी संपत्ति की होगी जांच। 

बुजुर्ग को दी गई थी चेतावनी कि यदि उन्होंने इस बारे में किसी से जिक्र किया तो तत्काल टीम उन्हें कर लेगी गिरफ्तार।

इसके बाद बुजुर्ग ने चार बार में साइबर फ्रॉड करने वालों के बताए खातों में 1.12 करोड़ रुपए किए थे ट्रांसफर।

पैसे भेजने के दौरान ठग बुजुर्ग के वॉट्सऐप पर RBI की मुहर लगा भेजते थे एक रिसीविंग लेटर।

जिससे बुजुर्ग को संतुष्टि हो जाती थी कि उसका पैसा रिजर्व बैंक के पास जा रहा है।

दो दिन पहले मोबाइल पर डिजिटल अरेस्ट से सावधान रहने एक वीडियो देखने पर बुजुर्ग को ठगी का हुआ एहसास। 

उन्होंने कॉल और व्हाट्सऐप से आए नंबरों पर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। 

इसके बाद उन्होंने SP ग्वालियर से शिकायत की, जिसके बाद क्राइम ब्रांच ने कर लिया है मामला दर्ज।

SP ग्वालियर धर्मवीर सिंह ने बताया कि एक रिटायर्ड ऑफिसर को साइबर फ्रॉड करने वालों ने डिजिटल अरेस्ट कर एक करोड़ से ज्यादा की ठगी की है। 

मामले में क्राइम ब्रांच ने एफआईआर दर्ज कर ली है और जांच की जा रही है।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User