वीर सावरकर निष्ठावान देशभक्त, उनकी हिंदुत्व की व्याख्या आज भी प्रासंगिक: नितिन गडकरी
नागपुर (आरएनआई)। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने स्वतंत्रता सेनानी विनायक दामोदर सावरकर को एक सच्चा देशभक्त और वैज्ञानिक सोच वाला व्यक्ति बताया है। उन्होंने कहा कि सावरकर ने हिंदुत्व की जो व्याख्या की थी, वह आज भी प्रासंगिक और समाज के लिए उपयोगी है।
एक कार्यक्रम में, जहां मनोज पांडे (सेवानिवृत्त) का सम्मान किया गया, गडकरी ने कहा कि सावरकर का जीवन देश के प्रति समर्पण का प्रतीक है और वे आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। उन्होंने कहा कि सावरकर केवल एक देशभक्त ही नहीं थे, बल्कि एक उत्कृष्ट कवि, विचारक और इतिहासकार भी थे, जिन्होंने समाज सुधार के लिए भी महत्वपूर्ण योगदान दिया।
गडकरी ने कहा कि सावरकर की सोच वैज्ञानिक दृष्टिकोण पर आधारित थी। उनके अनुसार सावरकर ने हिंदू समाज में मौजूद जाति-भेद और छुआछूत जैसी कुरीतियों को समाप्त करने की वकालत की थी। उन्होंने कहा कि सावरकर का मानना था कि किसी भी व्यक्ति की श्रेष्ठता उसकी जाति से नहीं, बल्कि उसके गुणों और कर्मों से तय होती है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सावरकर का पूरा जीवन त्याग, तपस्या और देशभक्ति का उदाहरण है। उन्होंने दावा किया कि देश के लिए सावरकर और उनके परिवार ने जितना बलिदान दिया, उतना शायद ही किसी अन्य परिवार ने दिया हो।
गडकरी ने एक “बड़े राजनीतिक नेता” का अप्रत्यक्ष रूप से जिक्र करते हुए कहा कि जब कोई सावरकर की आलोचना करता है तो उन्होंने उस नेता से कहा था कि यदि सावरकर महान नहीं हैं, तो देश में कोई भी महान नहीं है। उन्होंने कहा कि विचारधाराओं पर मतभेद हो सकते हैं, लेकिन सावरकर और उनके परिवार के देश के लिए दिए गए बलिदान पर सवाल नहीं उठाया जा सकता।
यह टिप्पणी संभवतः राहुल गांधी के उन बयानों के संदर्भ में मानी जा रही है, जिनमें उन्होंने कहा था कि सावरकर ने अंग्रेजों से माफी मांगकर जेल से रिहा होने की कोशिश की थी। इन बयानों के बाद सावरकर के परपोते ने पुणे की एक अदालत में राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का मामला भी दर्ज कराया है।
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