बेनीगंज में शंकराचार्य की गौसंरक्षण यात्रा का भव्य स्वागत, “गाय को राष्ट्रमाता घोषित करो” के नारों से गूंजा कस्बा

Monday, July 6, 2026 - 21:20
Updated: 2 months ago
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बेनीगंज में शंकराचार्य की गौसंरक्षण यात्रा का भव्य स्वागत, “गाय को राष्ट्रमाता घोषित करो” के नारों से गूंजा कस्बा

बेनीगंज(हरदोई)।जनपद के कस्बा बेनीगंज में उस समय धार्मिक आस्था, गौभक्ति और जनआक्रोश का अद्भुत संगम देखने को मिला जब ज्योतिषपीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज की गौसंरक्षण यात्रा भव्य स्वागत के बीच कस्बे में पहुंची। गाय को “राष्ट्रमाता” का दर्जा दिलाने के संकल्प के साथ निकली इस यात्रा ने बेनीगंज में हजारों गौभक्तों के हृदय में नई चेतना जगा दी।

कार्यक्रम का आयोजन वरिष्ठ गौभक्त अशोक वर्मा गोपार की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। जैसे ही शंकराचार्य महाराज अपनी वैनिटी वैन से बाहर निकले, सैकड़ों श्रद्धालुओं ने “गौमाता की जय”, “सनातन धर्म अमर रहे” और “राष्ट्रमाता गौमाता” के गगनभेदी नारों से पूरा वातावरण भक्तिमय बना दिया। श्रद्धालुओं ने फूल-मालाओं से उनका जोरदार स्वागत किया तथा गाय माता की प्रतिमा भेंट कर उनका अभिनंदन किया।

अपने ओजस्वी और आक्रोशपूर्ण संबोधन में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि वेदों और पुराणों में गौमाता को पहले ही राष्ट्रमाता का दर्जा दिया जा चुका है, लेकिन दुर्भाग्य यह है कि आज सत्ता में बैठी सरकारें गौमाता के नाम पर राजनीति तो करती हैं, पर उन्हें राज्यमाता घोषित करने का साहस नहीं दिखातीं। उन्होंने कहा कि “जो लोग गाय को केवल पशु मानते हैं, उनकी बुद्धि भी पशुवत हो चुकी है।”

उन्होंने कहा कि देशभर के सनातनियों की भावना गौमाता से जुड़ी हुई है और अब समय आ गया है कि सरकार जनभावनाओं का सम्मान करे। शंकराचार्य ने कहा कि दूसरे धर्मों के लोग भी गौसंरक्षण का समर्थन कर रहे हैं, लेकिन सरकार अपनी राजनीतिक मजबूरियों और सत्ता के मोह में निर्णय लेने से बच रही है।

अपने संबोधन के दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर भी तीखा हमला बोलते हुए कहा कि “नाथ संप्रदाय त्याग और तपस्या का प्रतीक है, सत्ता की कुर्सी उसका मार्ग नहीं है।” उन्होंने यह भी स्मरण कराया कि वर्ष 2014 से पहले दिल्ली की एक जनसभा में योगी आदित्यनाथ स्वयं गाय को राज्य माता घोषित करने की मांग कर चुके हैं, लेकिन आज सत्ता में आने के बाद वे अपनी कही बातों पर अमल नहीं कर रहे हैं।

शंकराचार्य ने उपस्थित जनसमूह को गौसंरक्षण की शपथ दिलाई और कहा कि “जो लोग गाय को माता मानते हैं, वे आपस में भाई-बहन हैं।” उन्होंने लोगों से गौसंरक्षण के लिए संघर्ष करने और ऐसे जनप्रतिनिधियों को वोट देने का आह्वान किया जो गौमाता के सम्मान के लिए प्रतिबद्ध हों।

उन्होंने घोषणा की कि जल्द ही लखनऊ में गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित कराने के लिए एक विशाल कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें प्रदेशभर से लाखों गौभक्तों को पहुंचने का आह्वान किया गया।

पूरे कार्यक्रम के दौरान भक्तिमय जयकारों और गौमाता के समर्थन में नारों से वातावरण गुंजायमान रहा। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पुलिस बल जगह-जगह तैनात रहा।

इस अवसर पर समाजसेवी सुरेंद्र गुप्ता कल्लू, रामचंद्र वैश्य लंबू, अशोक वर्मा, सुभाष वैश्य, राजकमल गुप्ता, कैलाश जोशी, प्रिंस बाजपेई, विनीत वैश्य, शेखर सक्सेना, लालमन सक्सेना, अनमोल श्रीवास्तव, रविंद्र सैनी, मन्नीलाल राठौर, राम चंद्र यादव, मनीष वर्मा सहित सैकड़ों गौभक्त और क्षेत्रीय नागरिक उपस्थित रहे।

बेनीगंज की धरती पर आयोजित यह जनसभा केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि गौमाता के सम्मान और सनातन आस्था के संरक्षण के लिए उठी जनभावनाओं की बुलंद आवाज बनकर उभरी।

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Laxmi Kant Pathak

Senior Journalist | State Secretary, U.P. Working Journalists Union (Regd.)

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