झारखंड: रांची में गूंजा वीर बिरसा मुंडा का जयघोष, 10 हजार कलाकारों के साथ निकली भव्य जतरा
रांची में वीर बिरसा मुंडा की विरासत और झारखंड की समृद्ध आदिवासी संस्कृति को समर्पित बिरसा मुंडा जतरा का भव्य शुभारंभ हुआ। झारखंड सरकार के मंत्री चमरा लिंडा ने बिरसा मुंडा स्मृति पार्क (बिरसा मुंडा कारागार), जेल मोड़ से जतरा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान वीर बिरसा मुंडा के जयघोष से पूरा क्षेत्र गूंज उठा।
बिरसा मुंडा स्मृति पार्क से शुरू हुई जतरा करम टोली चौक, एसएसपी आवास होते हुए मोरहाबादी तक पहुंची। पूरे मार्ग में झारखंड की जनजातीय संस्कृति की रंगीन और जीवंत झलक देखने को मिली।
जतरा में राज्य के सभी जिलों से करीब 10 हजार कलाकार शामिल हुए। संथाल, मुंडा, हो, उरांव, खड़िया, खरवार समेत विभिन्न जनजातीय समुदायों के कलाकार पारंपरिक वेशभूषा, आभूषण और वाद्ययंत्रों के साथ पहुंचे। ढोल, नगाड़ा, मांदर और बांसुरी की धुनों ने पूरे माहौल को उत्सवमय बना दिया।
जतरा में छह आकर्षक झांकियां भी प्रस्तुत की गईं। इनमें बिरसा मुंडा के जीवन, उनके संघर्ष और बलिदान के साथ-साथ आदिवासी समाज की परंपराओं और संस्कृति को प्रदर्शित किया गया। कलाकारों की प्रस्तुतियों ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया।
यह जतरा केवल सांस्कृतिक आयोजन तक सीमित नहीं रही, बल्कि बिरसा मुंडा की विरासत, आदिवासी अस्मिता और सांस्कृतिक संरक्षण का संदेश भी देती नजर आई। विभिन्न जनजातीय समुदायों की बड़ी भागीदारी ने झारखंड की सांस्कृतिक एकता और गौरव को सामने रखा।
मंत्री चमरा लिंडा ने कहा कि ऐसे आयोजन आदिवासी युवाओं को अपनी जड़ों और परंपराओं से जोड़ने का काम करते हैं। उन्होंने कहा कि झारखंड की समृद्ध जनजातीय विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में इस तरह के कार्यक्रम महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
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