अमरोहा में मीट दुकानें बंद करने के आदेश पर हाईकोर्ट सख्त, DM-SP से मांगा जवाब; इंस्पेक्टर तलब
अमरोहा में कांवड़ यात्रा के दौरान 30 दिनों तक मीट, मछली और चिकन की दुकानों को बंद रखने के प्रशासनिक आदेश का मामला अब इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंच गया है। इस आदेश को अमरोहा के समाजसेवी एवं वरिष्ठ अधिवक्ता हाजी नासिर फारूक ने चुनौती दी है। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने मामले को गंभीर मानते हुए अमरोहा के जिलाधिकारी (DM) और पुलिस अधीक्षक (SP) से लिखित जवाब मांगा है। साथ ही बिना नाम के नोटिस जारी करने वाले अमरोहा कोतवाली के इंस्पेक्टर को व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश होने का निर्देश दिया है।
याचिकाकर्ता हाजी नासिर फारूक ने अदालत में कहा कि उन्हें कांवड़ यात्रा या सनातन परंपराओं से कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन यात्रा मार्ग से दूर स्थित इलाकों और अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों में भी दुकानों को बंद रखने का आदेश उचित नहीं है। उनका कहना है कि इस फैसले से छोटे दुकानदारों, रेहड़ी-पटरी कारोबारियों और दिहाड़ी पर निर्भर परिवारों की आजीविका पर गंभीर असर पड़ा है।
याचिका में कहा गया है कि एक महीने तक दुकानें बंद रहने से गरीब परिवारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। बच्चों की पढ़ाई, दवाइयों और रोजमर्रा के खर्चों का इंतजाम करना मुश्किल हो रहा है। याचिकाकर्ता ने प्रशासन के आदेश को मानवीय और कानूनी दोनों दृष्टि से अनुचित बताया है।
फिलहाल हाईकोर्ट ने मामले में कोई अंतिम फैसला नहीं सुनाया है। अदालत ने प्रशासन से जवाब तलब करते हुए अगली सुनवाई में दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आगे की कार्रवाई करने की बात कही है।
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