‘नो किंग्स’ रैली में उमड़ा जनसैलाब, सेंट पॉल में 1 लाख लोगों की मौजूदगी; ट्रंप प्रशासन के खिलाफ गूंजे नारे
मिनेसोटा (आरएनआई)। अमेरिका के सेंट पॉल शहर में आयोजित ‘नो किंग्स’ रैली ने इस बार रिकॉर्ड भीड़ जुटाकर राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां बटोरीं। मिनेसोटा स्टेट पेट्रोल के अनुमान के अनुसार, इस बड़े प्रदर्शन में करीब एक लाख लोग शामिल हुए। यह रैली ‘नो किंग्स’ आंदोलन की अब तक की सबसे बड़ी जुटान मानी जा रही है, जिसमें देशभर से लोगों ने हिस्सा लिया।
शनिवार को आयोजित यह कार्यक्रम पूरे अमेरिका में हो रहे हजारों प्रदर्शनों का मुख्य केंद्र रहा। आयोजकों के मुताबिक, देशभर में 3,300 से ज्यादा स्थानों पर इसी तरह के कार्यक्रम आयोजित किए गए। सेंट पॉल की सड़कों पर उमड़ी भीड़ ने साफ संकेत दिया कि आंदोलन को व्यापक जनसमर्थन मिल रहा है।
रैली का मुख्य उद्देश्य ट्रंप प्रशासन की नीतियों का विरोध करना था। आयोजकों ने आरोप लगाया कि सरकार के फैसले आम नागरिकों और परिवारों पर नकारात्मक प्रभाव डाल रहे हैं। प्रदर्शन के दौरान कई नारों के बीच कुछ पोस्टरों और भीड़ में यह तीखा और व्यंग्यात्मक नारा भी सुनाई दिया—“Not King, he’s your daddy”—जिसने माहौल को और ज्यादा राजनीतिक बना दिया।
रैली में कई प्रमुख नेताओं ने भी हिस्सा लिया। कांग्रेस सदस्य इल्हान ओमर ने अपने संबोधन में अमेरिका को “उम्मीद की भूमि” बताते हुए कहा कि आज देश ऐसे दौर से गुजर रहा है जहां लोकतांत्रिक संस्थाओं और अधिकारों पर खतरा मंडरा रहा है। उन्होंने ट्रंप प्रशासन पर संविधान की अनदेखी करने और कानून के दायरे से बाहर जाकर काम करने का आरोप लगाया।
इसके अलावा मिनेसोटा के अटॉर्नी जनरल कीथ एलिसन ने भी मंच से लोगों को संबोधित किया और लोकतंत्र की रक्षा के लिए एकजुट रहने का आह्वान किया।
हालांकि इस रैली को लेकर राजनीतिक विवाद भी सामने आया। मिनेसोटा रिपब्लिकन पार्टी ने इसे “सिर्फ एक दिन का राजनीतिक प्रदर्शन” करार देते हुए कहा कि यह वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश है।
कुल मिलाकर, ‘नो किंग्स’ रैली ने अमेरिकी राजनीति में बढ़ते ध्रुवीकरण और जन असंतोष की तस्वीर को एक बार फिर उजागर कर दिया है, जहां एक ओर बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरकर विरोध जता रहे हैं, वहीं दूसरी ओर इसे महज राजनीतिक नाटक भी बताया जा रहा है।
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