जैन समाज ने किया विधानसभा चुनाव लड़ने का ऐलान, तीर्थ स्थल पर अतिक्रमण से नाराज

Saturday, June 24, 2023 - 20:20
Updated: 3 years ago
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जैन समाज ने किया विधानसभा चुनाव लड़ने का ऐलान, तीर्थ स्थल पर अतिक्रमण से नाराज

इंदौर/भोपाल। विश्व भर में प्रसिद्ध दिगंबर जैन समाज के बड़े तीर्थ स्थल गोमटगिरी पर हो रहे अतिक्रमण से जैन समाज में खासी नाराजगी है। इसे लेकर उन्होने पुलिस और प्रशासन पर असामाजिक तत्वों से मिलीभगत का आरोप लगाया है। इतना ही नहीं..उन्होने ये भी कहा है कि जैन समाज  विधानसभा चुनाव लड़ेगा और अपने 50 से ज्यादा उम्मीदवार मैदान में उतारेगा, जिसे देशभर के सभी जैन संतों का सहयोग भी प्राप्त होगा।

इंदौर शहर से कुछ ही दूरी पर स्थित जैन समाज के विश्व प्रसिद्ध तीर्थ स्थल गोमटगिरी की जमीन पर अवैध रूप से कब्जा किया जा रहा हैष इसे लेकर जैन समाज लंबे समय से प्रदर्शन करता आ रहा है। यही नहीं, इस मामले में वो सुप्रीम कोर्ट में भी अपनी आपत्ति दर्ज करा चुका है। गोमतगिरी तीर्थ से जुड़े जैन समाज के भगवान बाहुबली दिगंबर जैन ट्रस्ट द्वारा आरोप लगाया गया कि इंदौर शहर के कलेक्टर और क्षेत्रीय एडीएम द्वारा मंदिर के आसपास की जमीनों पर अवैध रूप से कब्जा कर एक अन्य समाज का तीर्थ स्थल तैयार करवाया जा रहा है, जिसे लेकर जैन समाज लंबे समय से प्रदर्शन करता रहा है इस बारे में अब वो प्रदर्शन की राह पर आगे बढ़ चुका है।

जैन समाज के संतों ने आह्वान किया है कि जिला प्रशासन और प्रदेश सरकार यदि अतिक्रमण नहीं रोक पाती है तो जैन समाज अपने 50 से ज्यादा उम्मीदवार विधानसभा चुनाव में मैदान में उतारेा। गोमतगिरी तीर्थ के ट्रस्टी भरत मोदी का कहना है कि एकमात्र इंदौर शहर में ही दो लाख से ज्यादा जैन समाज के वोटर हैं जो किसी भी पार्टी को हराने में सक्षम है। मोदी ने बताया कि जैन समाज द्वारा पिछले समय की गई अलग-अलग बैठकों के माध्यम से जमीन को बचाने का आह्वान किया गया है और अब जैन समाज के संत भी जमीन बचाने के लिए समाज के लोगों से आह्वान कर रहे हैं कि वे चुनावी मैदान में उतरे और जमीन को बचाने के लिए अपनी भूमिका निभाएं।

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Comments (1)

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Mukesh Jain
Mukesh Jain 3 years ago
जरूरत से ज्यादा जब अधर्म बढ़ता है तब समाज मिलकर उस अधर्म से लड़ने की ताक़त रखता है। पिछले 10 सालों में जितना अधिक धार्मिक स्थलों को पतित करने का कार्य चल रहा है उतना पहले कभी नही हुआ। धार्मिक अंधता बढ़ रही है। आपसी भाईचारा खतम हो रहा है। सरकार सो रही है और अपने नेताओं को बचाने में लगी है।