अफगानिस्तान पर हमलों को लेकर भारत सख्त, यूएन में पाकिस्तान को घेरा; नागरिकों की सुरक्षा पर दिया जोर
न्यूयॉर्क (आरएनआई) अफगानिस्तान में हुए हवाई हमलों को लेकर भारत ने कड़ा रुख अपनाते हुए पाकिस्तान की तीखी आलोचना की है। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पार्वथनेनी हरीश ने कहा कि अफगानिस्तान की जमीन पर किए गए हवाई हमले अंतरराष्ट्रीय कानून, संयुक्त राष्ट्र चार्टर और किसी भी देश की संप्रभुता के सिद्धांत का स्पष्ट उल्लंघन हैं।
उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र महासचिव की हालिया रिपोर्ट में सीमा पार सशस्त्र हिंसा के कारण हुए नागरिक हताहतों पर गहरी चिंता व्यक्त की गई है और भारत भी इस चिंता का समर्थन करता है। भारत ने सभी पक्षों से अंतरराष्ट्रीय और मानवीय कानून का पालन करने की अपील करते हुए कहा कि किसी भी हाल में आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।
भारत ने यह भी कहा कि पवित्र रमजान के महीने में हुए इन हमलों में बड़ी संख्या में निर्दोष नागरिक मारे गए हैं। संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन अफगानिस्तान (यूएनएएमए) के अनुसार 6 मार्च 2026 तक 185 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें लगभग 55 प्रतिशत महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। इसके अलावा इन हमलों के कारण एक लाख से अधिक लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हुए हैं, जिसे भारत ने बेहद चिंताजनक बताया।
भारत ने अपने बयान में कहा कि एक तरफ अंतरराष्ट्रीय कानून और इस्लामी एकजुटता की बात करना और दूसरी ओर रमजान के दौरान निर्दोष नागरिकों पर हमले करना गंभीर विरोधाभास और पाखंड को दर्शाता है।
अपने संबोधन में भारत ने अफगानिस्तान के युवाओं और वहां के खेल उत्साह की भी सराहना की। पार्वथनेनी हरीश ने कहा कि अफगानिस्तान में युवा बड़े उत्साह के साथ क्रिकेट खेलते हैं और अफगानिस्तान राष्ट्रीय क्रिकेट टीम ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपने शानदार प्रदर्शन से लोगों का दिल जीता है। भारत ने कहा कि अफगानिस्तान के क्रिकेट विकास में भागीदार होना उसके लिए गर्व की बात है और यह टीम कठिन परिस्थितियों में भी लोगों के चेहरों पर मुस्कान लाने का काम कर रही है।
भारत ने अपने बयान में आतंकवाद को पूरी मानवता के लिए गंभीर खतरा बताते हुए वैश्विक सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया। पार्वथनेनी हरीश ने कहा कि आईएसआईएल, अल-कायदा, लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और द रेजिस्टेंस फ्रंट जैसे आतंकी संगठनों के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समन्वित कार्रवाई बेहद जरूरी है।
भारत ने स्पष्ट किया कि किसी भी संघर्ष की स्थिति में सबसे पहली प्राथमिकता नागरिकों की सुरक्षा होनी चाहिए। अंतरराष्ट्रीय समुदाय को मिलकर ऐसे प्रयास करने होंगे जिससे अफगानिस्तान में शांति और स्थिरता कायम हो सके और वहां के लोगों को सुरक्षित व बेहतर भविष्य मिल सके।
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