चक चुरेला की 1.50 करोड़ की चोरी का 6 दिन में खुलासा, 2 आरोपी गिरफ्तार; 1.48 करोड़ के सोने के जेवर बरामद
गुना पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल के कुशल, संवेदनशील, सशक्त एवं दूरदर्शी नेतृत्व में जिले में संपत्ति संबंधी अपराधों सहित गंभीर आपराधिक घटनाओं के विरुद्ध लगातार प्रभावी एवं योजनाबद्ध कार्यवाही की जा रही है । इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल के दिशा-निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रशांत सिंह सुमन के मार्गदर्शन एवं एसडीओपी गुना श्री विवेक अष्ठाना के सतत पर्यवेक्षण में गुना पुलिस ने फतेहगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम चक चुरेला में घटित बहुचर्चित एवं चुनौतीपूर्ण चोरी की वारदात का मात्र 06 दिवस में सफलतापूर्वक पर्दाफाश करते हुए महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है ।
वारदात में संलिप्त सभी आरोपियों की पहचान सुनिश्चित की जा चुकी है, जिनमें से 02 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है । गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर चोरी हुए करीब 1.50 करोड रुपये मूल्य के सोने के जेवर बरामद किए गए हैं । शेष फरार आरोपियों की पहचान भी सुनिश्चित कर ली गई है, जिनकी गिरफ्तारी हेतु पुलिस की विशेष टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं ।
उल्लेखनीय है कि दिनांक 02-03 जुलाई 2026 की मध्यरात्रि फतेहगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम चक चुरेला निवासी श्री बाबूलाल मीना के घर में अज्ञात आरोपियों द्वारा चोरी की बड़ी वारदात को अंजाम दिया गया था । आरोपी घर में रखी तिजोरी को चोरी कर ले गए थे, जिसमें करीब 2 से 2.5 हजार ग्राम वजन के सोने के जेवर, करीब 03 किलोग्राम वजन के चांदी के जेवर, 11.50 लाख रुपये नगद एवं एक हीरो डीलक्स मोटरसाइकिल रखी थी । घटना के संबंध में थाना फतेहगढ़ में अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध अपराध क्रमांक 175/26, धारा 305(ए), 331(4) बीएनएस के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई ।

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल ने तत्काल प्रकरण को प्राथमिकता पर लेते हुए स्वयं घटनास्थल का निरीक्षण किया । उन्होंने फरियादी एवं परिजनों से चर्चा कर घटना की जानकारी ली तथा शीघ्र आरोपियों की पहचान कर चोरी हुई संपत्ति बरामद करने के निर्देश दिए । चूंकि वारदात ग्रामीण क्षेत्र में हुई थी तथा घटनास्थल एवं आसपास सीसीटीवी कैमरों की उपलब्धता नहीं थी, इसलिए आरोपियों की पहचान एवं गिरफ्तारी पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती थी । पुलिस अधीक्षक द्वारा इस चुनौती को गंभीरता से लेते हुए पुलिस की अलग-अलग टीमें गठित कर सक्रिय की गई ।
पुलिस टीमों द्वारा घटनास्थल पर पहुंचकर अत्यंत सूक्ष्मता एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण से निरीक्षण किया गया । फिंगर प्रिंट टीम एवं डॉग स्क्वाड की सहायता से महत्वपूर्ण साक्ष्यों को संकलित किया गया । इसके साथ ही पुलिस टीमों द्वारा घटना के प्रत्येक पहलू को ध्यान में रखते हुए फरियादी एवं उसके परिवारजनों से विस्तृत एवं गहन पूछताछ, आसपास के ग्रामीणों एवं संदिग्ध व्यक्तियों से लगातार जानकारी संकलित करने, आसपास के गांवों में सघन पूछताछ एवं संदिग्ध गतिविधियों की पड़ताल करने, मुखबिर तंत्र को सक्रिय एवं विकसित कर प्राप्त सूचनाओं का सत्यापन करने, उपलब्ध तकनीकी साक्ष्यों का सूक्ष्म एवं प्रभावी विश्लेषण करने, संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियों एवं उनके आवागमन से संबंधित कड़ियों को आपस में जोड़ने तथा संभावित आरोपियों के संबंध में प्राप्त प्रत्येक महत्वपूर्ण सूचना का बारीकी से परीक्षण एवं सत्यापन करने की कार्यवाही निरंतर की गई । पुलिस टीमों द्वारा विभिन्न स्तरों पर प्राप्त छोटी-छोटी जानकारियों को आपस में जोड़ते हुए वारदात के घटनाक्रम की कड़ियों को क्रमबद्ध रूप से जोड़ा गया, जिसमें पुलिस के अथक प्रयासों के परिणामस्वरूप ऐसे महत्वपूर्ण सुराग प्राप्त हुए, जिनके आधार पर घटना को पारदी बदमाशों द्वारा अंजाम देना पाया जाकर संलिप्त सभी आरोपियों की पहचान सुनिश्चित करने में सफलता मिली ।
आरोपियों की पहचान सुनिश्चित होने के बाद पुलिस टीमों द्वारा उनकी गिरफ्तारी के लिए उनके संभावित ठिकानों, गांवों एवं रिश्तेदारियों सहित मध्यप्रदेश एवं राजस्थान के विभिन्न जिलों में लगातार तलाश की गई । पुलिस टीमों द्वारा मध्यप्रदेश के गुना, शिवपुरी, विदिशा, उज्जैन, रतलाम, राजगढ, भोपाल, इंदौर, शाजापुर, देवास, श्योपुर आदि जिलों सहित राजस्थान के बारां, कोटा, झालावाड, छवडा, कवई आदि स्थानों पर आरोपियों की सरगर्मी से तलाश की गई । इस दौरान अनेक संदिग्ध व्यक्तियों से गहन पूछताछ की गई तथा प्राप्त सूचनाओं का लगातार सत्यापन किया गया । लगातार फील्ड ऑपरेशन, तकनीकी विश्लेषण एवं पुलिस टीमों के बीच बेहतर समन्वय के परिणामस्वरूप पुलिस को महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त हुई, जिसके तहत दिनांक 08 अगस्त 2026 को पुलिस टीमों ने तत्परता, सतर्कता, साहस एवं उत्कृष्ट टीमवर्क का परिचय देते हुए प्रकरण में संलिप्त 02 आरोपियों 1-राजू पुत्र कवरया पारदी उम्र 35 साल एवं गजानंद पुत्र देवला पारदी उम्र 48 साल निवासीगण ग्राम कनेरा, थाना धरनावजा जिला गुना को गिरफ्तार कर लिया गया । आरोपियों से पुलिस द्वारा गहन पूछताछ की गई, पूछताछ में आरोपियों द्वारा अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर उक्त चोरी की वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया गया । शेष फरार आरोपियों की पहचान सुनिश्चित कर ली गई है, जिनकी गिरफ्तारी हेतु पुलिस की विशेष टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं । गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने प्रकरण में चोरी हुए 985.150 ग्राम वजनी सोने के जेवर कुल कीमती लगभग 1,47,77,250/-रुपये (एक करोड, सैंतालीस लाख, सतत्तर हजार दो सौ पचास रुपये) के बरामद करने में बडी उपलब्धि हासिल की गई हैं । पुलिस द्वारा प्रकरण में फरार शेष आरपियों की तलाश हेतु निरंतर दबिशें दी जा रही हैं एवं प्रकरण की विवेचना जारी है ।
इस चुनौतीपूर्ण वारदात के खुलासे में पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल द्वारा प्रकरण की लगातार मॉनिटरिंग एवं पुलिस टीमों को समय-समय पर दिए गए दिशा-निर्देश महत्वपूर्ण रहे । पुलिस अधीक्षक द्वारा स्वयं घटनास्थल का निरीक्षण करने से लेकर आरोपियों की पहचान, संभावित ठिकानों पर तलाश एवं गिरफ्तारी तक प्रकरण की प्रगति पर लगातार नजर रखी गई । विभिन्न पुलिस टीमों के बीच समन्वय स्थापित करते हुए तकनीकी एवं मैदानी स्तर पर प्राप्त सूचनाओं का प्रभावी उपयोग किया गया, जिसके परिणाम स्वरुप गुना पुलिस को एक बडी उपलब्धि हासिल हुई । गुना पुलिस की ओर से संपत्ति संबंधी अपराधों के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस नीति के तहत आगे भी इसी प्रकार सतत एवं प्रभावी वैधानिक कार्यवाही जारी रहेगी ।
गुना पुलिस की इस कार्यवाही से स्पष्ट हुआ है कि घटना कितनी भी चुनौतीपूर्ण हो, यदि तकनीकी साक्ष्यों, वैज्ञानिक विवेचना, मुखबिर तंत्र, सतत फील्ड ऑपरेशन और टीमवर्क को योजनाबद्ध तरीके से एक साथ जोड़ा जाए तो अज्ञात अपराधियों तक पहुंचना संभव है ।
गुना पुलिस की इस सफल एवं चुनौतीपूर्ण कार्यवाही में एसडीओपी गुना श्री विवेक अष्ठाना एवं प्रभारी सीएसपी गुना श्री आनंद राय के नेतृत्व में निम्न पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है :—
थाना फतेहगढ़ : थाना प्रभारी उपनिरीक्षक अभिषेक तिवारी, सउनि नरेश शर्मा, सउनि दिलीप रघुवंशी, सउनि जसरथ दिवाकर, प्रधान आरक्षक सरनाम सिंह, प्रधान आरक्षक चंद्रसेन फाल्के, प्रधान आरक्षक विकास भार्गव, प्रधान आरक्षक हरिओम किरार, प्रधान आरक्षक प्रेम ग्वाल, प्रधान आरक्षक कांजराज बारेला, आरक्षक दीपक शर्मा, आरक्षक बृजेन्द्र कुशवाह, आरक्षक अजय लोधी, आरक्षक कुलदीप धाकड, आरक्षक धीरेन्द्र बघेल, आरक्षक विवेक सिंह, आरक्षक विकास राठौर, आरक्षक नीरज शर्मा ।
थाना केंट : थाना प्रभारी निरीक्षक अनूप कुमार भार्गव, आरक्षक नीलेश रघुवंशी, आरक्षक राजीव रघुवंशी, आरक्षक संजय जाट, आरक्षक रामनिवास शर्मा, आरक्षक देवेन्द्र नरुका, आरक्षक मनोज रघुवंशी, महिला आरक्षक सीमा चौहान, महिला आरक्षक ज्योति रघुवंशी, महिला आरक्षक तेजस्विता जादौन ।
थाना धरनावदा : थाना प्रभारी उपनिरीक्षक रूहिल शर्मा, प्रधान आरक्षक जोगेश शर्मा, प्रधान आरक्षक राघवेन्द्र बुंदेला, प्रधान आरक्षक अजय कुमार, आरक्षक रघुकुल मिश्रा, आरक्षक राकेश गुर्जर, आरक्षक सतेंद्र गुर्जर, आरक्षक सोनू जाटव, आरक्षक रविन्द्र सोलंकी, आरक्षक राजेश परिहार, आरक्षक पवन शर्मा, आरक्षक आकाश किरार ।
साइबर सेल : उपनिरीक्षक महेन्द्र सिंह चौहान, आरक्षक कुलदीप यादव, आरक्षक कुलदीप भदौरिया, आरक्षक भूपेन्द्र खटीक, आरक्षक अभय रघुवंशी, महिला आरक्षक पूजा गुप्ता ।
पुलिस लाइन : निरीक्षक राजेन्द्र सिंह चौहान, निरीक्षक अमित अग्रवाल, प्रधान आरक्षक अजेन्द्र पाल, प्रधान आरक्षक हरीश राजपूत, आरक्षक मोहर सिंह किरार ।
थाना राघौगढ़ : थाना प्रभारी निरीक्षक अजय जाट, सउनि सीताराम धुर्वे, आरक्षक धीरेन्द्र गुर्जर ।
थाना बमोरी : थाना प्रभारी निरीक्षक मचल सिंह मंडेलिया, प्रधान आरक्षक रामकृष्ण रघुवंशी, प्रधान आरक्षक हरेन्द्र रघुवंशी. आरक्षक मनोज धाकड ।
थाना सिरसी : थाना प्रभारी उपनिरीक्षक अरविन्द सिंह गौर, आरक्षक राहुल रघुवंशी, आरक्षक भूर सिंह भिलाला ।
थाना विजयपुर : सउनि हरिचरण मीना, आरक्षक आदित्य कौरव, आरक्षक रामवीर रघुवंशी आदि ।
थाना आरोन : प्रधान आरक्षक दीपक त्रिपाठी ।
थाना कोतवाली : आरक्षक नवदीप अग्रवाल ।
थाना मधुसूदनगढ़ : थाना प्रभारी उपनिरीक्षक गोपाल चौबे, आरक्षक शैलेन्द्र गुर्जर ।
चौकी ऊमरी : प्रधान आरक्षक अशोक गुर्जर, प्रधान आरक्षक दीपक तोमर
गुना एसडीओपी कार्यालय : सउनि शिवनंदन रघुवंशी, आरक्षक मनोज धाकड।
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