आगरा में 46 दिन के सत्याग्रह का असर, आलोक नगर से शराब का ठेका हुआ शिफ्ट; सुंदरकांड पाठ कर मनाया जश्न
आगरा के आलोक नगर चौराहे पर शराब के ठेके को रिहायशी इलाके से हटाने की मांग को लेकर महिलाओं और युवाओं का 46 दिन से चल रहा सत्याग्रह आखिरकार सफल हो गया। जिला प्रशासन ने ठेके को रिहायशी क्षेत्र से दूसरी जगह स्थानांतरित कर दिया। ठेका शिफ्ट होने के बाद स्थानीय लोगों ने खुशी जताई और सुंदरकांड पाठ का आयोजन कर प्रसादी वितरित की।
मंगलवार शाम करीब 5 बजे स्थानीय निवासियों ने सुंदरकांड पाठ कराया। इस दौरान आंदोलन से जुड़े लोगों ने खुशी व्यक्त की और क्षेत्रीय पार्षद रेनू गुप्ता का अभिनंदन किया।
आंदोलनकारियों ने प्रशासन का जताया आभार
सत्याग्रह की सफलता पर हरिशंकर पाराशर और काके यादव ने आंदोलन में शामिल महिलाओं और युवाओं का आभार जताया। पार्षद रेनू गुप्ता ने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य शराब का ठेका पूरी तरह बंद कराना नहीं था, बल्कि उसे रिहायशी इलाके से हटाना था।
उन्होंने कहा कि क्षेत्र में महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी रहती थी। चौराहे के आसपास पांच मंदिरों के अलावा स्कूल और कोचिंग सेंटर भी हैं, जिसके कारण स्थानीय लोगों ने ठेके को रिहायशी क्षेत्र से हटाने की मांग उठाई थी।
प्रशासन के सहयोग से हुआ स्थानांतरण
स्थानीय लोगों के अनुसार, लंबे समय से चल रहे सत्याग्रह के बाद जिला प्रशासन ने जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए ठेके को दूसरी जगह स्थानांतरित करने का फैसला किया। इस प्रक्रिया में जिलाधिकारी मनीष बंसल और जिला आबकारी अधिकारी कृष्ण पाल यादव के सहयोग का भी उल्लेख किया गया।
ठेका स्थानांतरित होने के बाद क्षेत्र के लोगों ने इसे आंदोलन की सफलता बताया। कार्यक्रम में सुरभि मित्तल, सुमन फौजदार, वर्षा रजौरिया, मोना सोलंकी, विवेक पाराशर, वंदना सिंघल और राहुल मित्तल समेत कई स्थानीय लोग मौजूद रहे।
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