JSSC-CGL समेत 22 भर्ती परीक्षाएं रद्द होने पर भड़के सफल अभ्यर्थी, झारखंड सचिवालय में घुसे; सरकार से फैसले की वापसी की मांग
रांची। झारखंड में 22 भर्ती परीक्षाएं रद्द किए जाने के विरोध में बड़ी संख्या में सफल अभ्यर्थियों ने बुधवार को सचिवालय परिसर में प्रवेश कर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी JSSC-CGL समेत रद्द की गई परीक्षाओं के फैसले को वापस लेने की मांग कर रहे हैं। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने अभ्यर्थियों से सचिवालय परिसर खाली करने की अपील की और निषेधाज्ञा लागू होने का हवाला दिया।
दरअसल, झारखंड सरकार ने 22 भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला लिया है, जबकि 23 अन्य परीक्षाओं की जांच के आदेश दिए गए हैं। ये परीक्षाएं झारखंड लोक सेवा आयोग, झारखंड कर्मचारी चयन आयोग और एक आउटसोर्स एजेंसी के जरिए आयोजित की गई थीं। परीक्षा पास कर सरकारी नियुक्ति का इंतजार कर रहे अभ्यर्थी इस फैसले से नाराज हैं।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि अगर किसी परीक्षा में अनियमितता हुई है तो इसकी जिम्मेदारी अभ्यर्थियों पर नहीं डाली जानी चाहिए। सरकारी विभाग में सहायक प्रशाखा पदाधिकारी के पद पर नियुक्त चंदन कुमार ने कहा कि अभ्यर्थी सोमवार से सचिवालय के बाहर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया। इसके बाद उन्हें सचिवालय परिसर में प्रवेश करना पड़ा।
एक अन्य सफल अभ्यर्थी श्याम सुंदर मंडल ने कहा कि उन्होंने अपनी योग्यता के आधार पर परीक्षा पास की है और किसी भी कथित अनियमितता में उनकी कोई भूमिका नहीं है। उन्होंने कहा कि जब तक JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने का आदेश वापस नहीं लिया जाता, तब तक वे अपनी मांग को लेकर आवाज उठाते रहेंगे।
वहीं, पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को सचिवालय परिसर खाली करने की चेतावनी दी। हटिया के डीएसपी नीरज कुमार ने कहा कि इलाके में बीएनएस की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू है। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से परिसर के बाहर निर्धारित स्थान पर प्रदर्शन करने की अपील की और चेतावनी दी कि आदेश का उल्लंघन करने पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
मामले पर कांग्रेस के मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने कहा कि सरकार सफल अभ्यर्थियों की चिंताओं को लेकर गंभीर है और जल्द ही इस मुद्दे का समाधान निकालने का प्रयास करेगी।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि सरकार 22 परीक्षाओं को रद्द करने के फैसले पर पुनर्विचार करेगी या नहीं। वहीं, सफल अभ्यर्थी अपने भविष्य को लेकर सरकार से स्पष्ट निर्णय की मांग कर रहे हैं।
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