दलेर मेहंदी के समर्थन में उतरीं वरिष्ठ गायिका, बोलीं- कलाकार का सम्मान सर्वोपरि
दलेर मेहंदी के उत्तराखंड में एक सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान हुए विवाद पर अब संगीत जगत से जुड़ी एक वरिष्ठ गायिका ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर साझा अपनी पोस्ट में दलेर मेहंदी के प्रति समर्थन जताते हुए कहा कि किसी कलाकार की प्रतिष्ठा को बिना पुष्टि किए गए आरोपों के आधार पर धूमिल करना अन्यायपूर्ण है। उनके मुताबिक, एक कलाकार वर्षों के संघर्ष और मेहनत के बाद अपनी पहचान बनाता है, इसलिए उसके सम्मान का ध्यान रखना जरूरी है।
गायिका ने बताया कि वह करीब 25 वर्षों से मीका सिंह और उनके बड़े भाई स्वर्गीय समरजीत के साथ कई टेलीविजन रियलिटी शो में निर्णायक की भूमिका निभाती रही हैं। लगभग 18 वर्ष पहले महुआ टीवी के कार्यक्रम ‘बिहाने-बिहाने’ और अन्य शो के दौरान दलेर मेहंदी से मुलाकात का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इतने बड़े और लोकप्रिय कलाकार का सहज व्यवहार उनके लिए आश्चर्यजनक था। उन्होंने अपने अनुभव के आधार पर दलेर मेहंदी को शराब का सेवन नहीं करने वाला व्यक्ति बताया।
यह विवाद उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल जिले में आयोजित सिद्धपीठ मां कुंजापुरी मेले के दौरान शुरू हुआ था। कार्यक्रम में प्रस्तुति दे रहे दलेर मेहंदी को राज्य के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने मंच पर रोककर उनके प्रदर्शन पर सवाल उठाए थे। मंत्री ने आरोप लगाया था कि गायक ठीक से प्रस्तुति नहीं दे रहे थे और उनके नशे में होने की आशंका जताई थी। हालांकि, शराब सेवन के आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
दलेर मेहंदी के भाई मीका सिंह ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनके भाई शराब नहीं पीते। उन्होंने यह भी बताया कि दलेर मेहंदी हाल ही में बड़ी सर्जरी से गुजरे हैं और पिछले कुछ समय से उनकी तबीयत ठीक नहीं रही है। अभिनेता अनुपम खेर, कॉमेडियन कपिल शर्मा और रैपर बादशाह समेत कई कलाकारों ने भी दलेर मेहंदी के समर्थन में प्रतिक्रिया दी है।
अपनी पोस्ट में गायिका ने दिवंगत लोकगायिका पद्म विभूषण शारदा सिन्हा का उदाहरण देते हुए कहा कि कलाकार कई बार निजी जीवन की गंभीर परेशानियों के बावजूद मंच पर अपनी जिम्मेदारी निभाते रहते हैं। उन्होंने कहा कि दर्शकों को अक्सर कलाकार के व्यक्तिगत संघर्षों और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों की जानकारी नहीं होती। ऐसे में किसी के बारे में पूरी जानकारी के बिना सार्वजनिक रूप से टिप्पणी करना उचित नहीं है।
गायिका ने अंत में दलेर मेहंदी के प्रति अपना समर्थन दोहराते हुए कहा कि कला और कलाकार का सम्मान सर्वोपरि होना चाहिए। हालांकि, विवाद के दूसरे पक्ष में मंत्री सुबोध उनियाल ने भी अपने रुख का बचाव किया है। ऐसे में पूरे मामले में कलाकार के सम्मान के साथ-साथ कार्यक्रम में प्रस्तुति को लेकर उठे सवालों पर तथ्यात्मक स्पष्टता भी जरूरी है।
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