सीईसी विवाद पर विपक्ष की बैठक: कपिल सिब्बल बोले- 2014 से पसंद न आने वालों को हिरासत
नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मुलाकात की मांग को लेकर विपक्षी दलों ने बुधवार को दिल्ली में बैठक की। कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे की ओर से बुलाई गई बैठक में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई विपक्षी नेता शामिल हुए। बैठक में चुनाव आयोग के साथ मुलाकात और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर आगे की रणनीति को लेकर चर्चा हुई।
यह बैठक एक दिन पहले हुए विपक्ष के प्रदर्शन के बाद हुई। छह अक्टूबर को राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं ने चुनाव आयोग की ओर मार्च किया था। पुलिस ने आकाशवाणी भवन के पास बैरिकेड लगाकर मार्च को रोक दिया था। इसके बाद कई विपक्षी नेताओं ने वहीं धरना दिया और बाद में पुलिस ने कई नेताओं और सांसदों को हिरासत में लिया।
बैठक में शामिल राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वर्ष 2014 से सरकार को पसंद नहीं आने वाले लोगों को हिरासत में लिया जा रहा है, जबकि विपक्ष से अलग होकर सरकार के साथ आने वालों को गले लगाया जाता है। सिब्बल ने इसे सरकार की नीति और आदत बताते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की।
विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से सीधे मुलाकात कर चुनाव प्रक्रिया और विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से जुड़े अपने सवाल रखने की मांग कर रहे हैं। विपक्ष का कहना है कि इन मुद्दों पर चुनाव आयोग से सीधे बातचीत जरूरी है।
वहीं, चुनाव आयोग ने छह अक्टूबर को कहा था कि शाम चार बजे तक किसी राजनीतिक दल की ओर से औपचारिक रूप से मुलाकात का समय नहीं मांगा गया था। आयोग के मुताबिक, बाद में दिल्ली पुलिस के जरिए उसे विपक्षी सांसदों के प्रतिनिधिमंडल के मिलने की जानकारी मिली थी। आयोग ने कहा कि वह निर्धारित प्रक्रिया के तहत सांसदों से मिलने के लिए तैयार था।
बैठक के बाद विपक्षी नेताओं ने संकेत दिया कि वे सीईसी से मुलाकात की मांग और एसआईआर से जुड़े सवालों को आगे भी उठाते रहेंगे। इस पूरे विवाद के बीच केंद्र सरकार, चुनाव आयोग और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।
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