महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव: भीतरघात से जूझ रहे महायुति और महाविकास अघाड़ी, निर्दलीय बिगाड़ेंगे खेल?
मुंबई। महाराष्ट्र विधान परिषद की पांच सीटों पर होने वाले चुनाव को लेकर सत्तारूढ़ महायुति और विपक्षी महाविकास अघाड़ी (MVA) दोनों के सामने गठबंधन के भीतर असंतोष और बगावत की चुनौती खड़ी हो गई है। नामांकन की समयसीमा समाप्त होने के बाद कई दावेदारों ने आधिकारिक उम्मीदवारों के खिलाफ पर्चा दाखिल किया है।
इस चुनाव में तीन स्नातक और दो शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की सीटों पर मतदान होना है। इनमें पुणे स्नातक, नागपुर स्नातक, छत्रपति संभाजीनगर स्नातक, पुणे शिक्षक और अमरावती शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। मतदान 23 अक्टूबर को होगा, जबकि मतगणना 27 अक्टूबर को कराई जाएगी।
महायुति में नागपुर स्नातक सीट पर भाजपा के आधिकारिक उम्मीदवार सुधाकर कोहले के सामने पार्टी के पूर्व एमएलसी अनिल सोले ने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर नामांकन दाखिल किया है। वहीं पुणे शिक्षक सीट पर भाजपा और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना, दोनों ने अपने-अपने उम्मीदवार उतारे हैं। इससे गठबंधन के भीतर सीधे मुकाबले की स्थिति बन गई है।
महाविकास अघाड़ी में भी स्थिति पूरी तरह सहज नहीं है। अमरावती शिक्षक सीट पर कांग्रेस ने अदिति पोहारे को उम्मीदवार बनाया है, जबकि शिवसेना यूबीटी ने दत्तात्रय लहाने को मैदान में उतारा है। इसके अलावा अलग-अलग सीटों पर टिकट से असंतुष्ट नेताओं की ओर से निर्दलीय नामांकन दाखिल किए जाने से आधिकारिक उम्मीदवारों के सामने चुनौती बढ़ गई है।
अब 9 अक्टूबर तक नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होनी है। इसके बाद तस्वीर साफ होगी कि कितने बागी मैदान में बने रहते हैं और कितने उम्मीदवार अपना नाम वापस लेते हैं। ऐसे में पांच सीटों का यह चुनाव सिर्फ महायुति और MVA के बीच मुकाबला नहीं, बल्कि दोनों गठबंधनों के भीतर तालमेल और उम्मीदवारों को लेकर सहमति की भी परीक्षा बन गया है।
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