बंगलूरू: कांग्रेस ने बीएलए पर लगाए आरोप, 136 फॉर्म-7 के जरिए मतदाता सूची से नाम हटाने की साजिश का दावा
बंगलूरू। कर्नाटक में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बीच बंगलूरू के सुबेदार पाल्या इलाके में 136 फॉर्म-7 आवेदन जमा किए जाने का मामला सामने आया है। इन आवेदनों के जरिए मतदाता सूची से नाम हटाने का अनुरोध किया गया था। मामले में पुलिस ने एक बूथ लेवल एजेंट (BLA) के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
मामले की शिकायत कांग्रेस नेता अनूप अयंगर ने दर्ज कराई है। शिकायत में आरोप लगाया गया कि वार्ड संख्या 45 के पोलिंग स्टेशन नंबर 68 से जुड़े 136 फॉर्म-7 आवेदन जमा किए गए और इनमें संबंधित मतदाताओं के स्थायी रूप से स्थानांतरित होने की बात दर्ज की गई, जबकि शिकायतकर्ता के अनुसार कई मतदाता अब भी उसी इलाके में रह रहे हैं।
शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि फॉर्म-7 पर दर्ज कुछ हस्ताक्षर संबंधित मूल आवेदकों के हस्ताक्षरों से मेल नहीं खाते। कांग्रेस की ओर से इन आवेदनों की जांच कराने और यह पता लगाने की मांग की गई है कि इन्हें किस आधार और किसके माध्यम से जमा कराया गया। हालांकि, इन आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी।
पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह जांच कर रही है कि फॉर्म-7 में दी गई जानकारी गलत थी या नहीं और हस्ताक्षरों से जुड़ी शिकायतों में कोई अनियमितता हुई है या नहीं।
वहीं, कर्नाटक के मुख्य निर्वाचन अधिकारी वी. अनबुकुमार ने कहा है कि अब तक मतदाता सूची से किसी नाम को हटाया नहीं गया है और प्रत्येक आवेदन पर निर्धारित प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि गलत जानकारी देकर नाम हटाने के लिए आवेदन करने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
SIR के दौरान फॉर्म-7 के बड़े पैमाने पर इस्तेमाल को लेकर कर्नाटक में राजनीतिक विवाद भी बढ़ा है। कांग्रेस इसे मतदाता सूची में कथित गड़बड़ी से जोड़कर सवाल उठा रही है, जबकि चुनाव अधिकारियों का कहना है कि किसी भी नाम को हटाने से पहले निर्धारित नोटिस और आपत्ति की प्रक्रिया का पालन किया जा रहा है।
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