विपक्ष का सुप्रीम कोर्ट तक मार्च, राहुल-प्रियंका खुली गाड़ी में सवार; अखिलेश-तेजस्वी समेत 50 से अधिक नेता और कार्यकर्ता शामिल
नई दिल्ली। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी दलों का सुप्रीम कोर्ट तक मार्च शुरू हो गया। मार्च में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव और राजद नेता तेजस्वी यादव सहित कई विपक्षी नेता शामिल हुए। इस दौरान राहुल गांधी और प्रियंका गांधी खुली गाड़ी में सवार नजर आए। प्रदर्शन में आगरा और फतेहपुर सीकरी से जुड़े कई नेता भी पहुंचे। वरिष्ठ नेता एवं आगरा के पूर्व जिला अध्यक्ष दिनेश बाबू शर्मा, वरिष्ठ नेता राजेश शर्मा, फतेहपुर सीकरी विधानसभा की प्रत्याशी नीलम शर्मा, पिंटू शर्मा, राजेश मिश्रा, प्रमोद कुमार भारतीय और सुबीर सेन सहित करीब 50 कार्यकर्ताओं ने भी प्रदर्शन में भाग लिया।
मार्च से पहले राहुल गांधी ने करीब 40 मिनट तक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने विपक्ष के इस कार्यक्रम को ‘शिवजी की बारात’ बताते हुए कहा कि इसमें कोई भी शामिल हो सकता है। विपक्षी नेताओं का कहना है कि उनका उद्देश्य कथित वोट चोरी और एसआईआर से जुड़े मुद्दों को उठाना तथा चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग करना है।

इससे पहले विपक्षी सांसदों ने मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत को पत्र लिखकर मुलाकात का समय मांगा था, ताकि उन्हें ज्ञापन सौंपा जा सके। हालांकि, सीजेआई ने मुलाकात से इनकार करते हुए कहा था कि आम नागरिक और निर्वाचित जनप्रतिनिधि अपनी शिकायतों के लिए याचिका दाखिल कर सकते हैं। अदालत उनकी समस्याओं पर कानून के मुताबिक विचार करेगी।
समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि आंदोलन और धरना जारी रहेगा तथा लोकतंत्र की रक्षा करना विपक्ष की जिम्मेदारी है। उन्होंने भाजपा और चुनाव आयोग पर मिलकर संविधान और लोकतंत्र को कमजोर करने का आरोप लगाया। अखिलेश ने मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और फर्जी मतदान के आरोप भी लगाए। ये आरोप विपक्षी नेताओं के दावे हैं।

राहुल गांधी की कानूनी टीम ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय मांगा। याचिका का विषय दिल्ली में प्रदर्शन से जुड़ी परिस्थितियों और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली में कथित अनियमितताओं से संबंधित बताया गया है।
वहीं, भाजपा नेता अनुराग ठाकुर ने राहुल गांधी पर पलटवार करते हुए उन्हें ‘हवा-हवाई नेता’ बताया। उन्होंने कहा कि देश को आरोपों के बजाय सबूत चाहिए और सुप्रीम कोर्ट को राजनीतिक लड़ाई का मैदान नहीं बनाया जाना चाहिए। इस तरह एसआईआर और मुख्य चुनाव आयुक्त के मुद्दे पर भाजपा और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।
विपक्षी सांसदों ने 6, 7, 8 और 9 अक्टूबर को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और एसआईआर के विरोध में प्रदर्शन किए थे। इन प्रदर्शनों के दौरान राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को तीन बार पुलिस हिरासत में लिए जाने की बात भी सामने आई थी। इसके अलावा कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में समाजवादी पार्टी के धर्मेंद्र यादव, शिवसेना (उद्धव गुट) के संजय राउत और अरविंद सावंत, झारखंड मुक्ति मोर्चा की महुआ माझी तथा तृणमूल कांग्रेस की महुआ मोइत्रा सहित कई सांसद जुटे और उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ नारेबाजी की।
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