आईएएस दिव्या मित्तल के इस्तीफे के बाद सवाल, क्या सेवा में वापसी का रास्ता अभी खुला है?
नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश कैडर की आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल के इस्तीफे के बाद अब यह सवाल उठ रहा है कि क्या वह भविष्य में दोबारा भारतीय प्रशासनिक सेवा में लौट सकती हैं। नियमों के मुताबिक, इस्तीफा स्वीकार होने से पहले अधिकारी अपना फैसला बदलकर सेवा में वापस आने का अनुरोध कर सकता है। हालांकि, एक बार इस्तीफा स्वीकार हो जाने के बाद सामान्य तौर पर सेवा में वापसी का रास्ता बंद हो जाता है।
इस्तीफे की प्रक्रिया पूरी होने तक रहता है विकल्प
पूर्व मुख्य सचिव आलोक रंजन के अनुसार, आईएएस अधिकारी के इस्तीफे को स्वीकार करने की प्रक्रिया में समय लगता है। इस दौरान यदि अधिकारी अपना निर्णय बदलता है तो वह इस्तीफा वापस लेने के लिए आवेदन कर सकता है। इसलिए दिव्या मित्तल का इस्तीफा यदि अभी स्वीकार नहीं हुआ है, तो उनके पास वापसी का विकल्प मौजूद रह सकता है। अंतिम स्थिति संबंधित प्राधिकरण द्वारा इस्तीफे पर लिए गए फैसले पर निर्भर करेगी।
कई अधिकारियों के मामलों में दिखी अलग तस्वीर
आईएएस अधिकारियों के इस्तीफे और फिर सेवा में लौटने के कई उदाहरण सामने आ चुके हैं। तमिलनाडु कैडर के 2011 बैच के आईएएस अधिकारी अनीश शेखर ने फरवरी 2024 में निजी कारणों से इस्तीफा दिया था। बाद में उसी वर्ष मई में वह दोबारा आईएएस में लौट आए।
आईएएस टॉपर शाह फैसल ने भी इस्तीफा देकर राजनीति में प्रवेश किया था। उन्होंने जम्मू-कश्मीर पीपुल्स मूवमेंट नाम से राजनीतिक दल बनाया। हालांकि, उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं हुआ था। बाद में उन्होंने सेवा में वापस आने के लिए आवेदन किया और करीब तीन साल बाद आईएएस में लौट गए।
कन्नन गोपीनाथन का मामला भी चर्चा में
2019 में आईएएस से इस्तीफा देने वाले कन्नन गोपीनाथन का मामला भी इस संदर्भ में अहम है। उन्होंने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के विरोध में इस्तीफा दिया था, लेकिन केंद्र सरकार ने उनका इस्तीफा अब तक स्वीकार नहीं किया। इसी वजह से उनका मामला इस्तीफा स्वीकार होने से पहले की स्थिति का उदाहरण माना जाता है।
कांग्रेस में शामिल होने वाले शशिकांत सेंथिल का इस्तीफा स्वीकार होने में भी करीब तीन साल लगे। इसके बाद उन्होंने कांग्रेस में शामिल होकर लोकसभा चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। वहीं महाराष्ट्र कैडर के आईएएस अधिकारी दौलत देसाई का इस्तीफा भी स्वीकार नहीं हुआ था।
राजनीति में जाने पर क्या है नियम?
अखिल भारतीय सेवा (आचरण) नियम, 1968 के तहत आईएएस अधिकारी सक्रिय राजनीति में हिस्सा नहीं ले सकते और राजनीतिक दल से जुड़े राजनीतिक गतिविधियों में भाग लेना सेवा नियमों के अनुरूप नहीं है। इसलिए चुनावी राजनीति में प्रवेश करने वाले अधिकारी आम तौर पर पहले सरकारी सेवा से इस्तीफा देते हैं।
ऐसे में दिव्या मित्तल के मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यह होगी कि उनका इस्तीफा अभी किस चरण में है। यदि इस्तीफा स्वीकार होने से पहले वह इसे वापस लेने का अनुरोध करती हैं और सक्षम प्राधिकारी उसे स्वीकार कर लेता है, तो सेवा में वापसी संभव हो सकती है। लेकिन इस्तीफा औपचारिक रूप से स्वीकार होने के बाद स्थिति अलग होगी।
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