इंदौर में कारोबारी से छह लाख की लूट का आरोप, दो आरक्षक सहित चार हिरासत में
इंदौर (आरएनआई) इंदौर के लोग अब कैश लेकर बाहर निकलने से पहले लुटेरों से नहीं, बल्कि पुलिस की पीसीआर (PCR) वैन से बच रहे होंगे। सार यही है कि साहब, प्रॉपर्टी टैक्स तो बाद में भरिएगा, पहले 'वर्दी टैक्स' का इंतजाम कर लीजिए, वरना रसीद की जगह हवालात मिलेगी एक कारोबारी बेचारा अपना प्रॉपर्टी टैक्स भरने निकला था ,ईमानदार नागरिक बनने की कोशिश कर रहा था, पर उसे क्या पता था कि टैक्स भरने से पहले उसे 'वर्दीधारी डकैतों' को 'प्रोटेक्शन मनी' देनी पड़ेगी
इस देश में जेबकतरों से उतना डर नहीं लगता, जितना उन लोगों से लगता है जिनकी वर्दी पर 'सत्यमेव जयते' लिखा होता है ,
क्योंकि चोर तो सिर्फ बटुआ मारता है, पर ये तो कानून की धाराएं मारकर पूरा बैंक बैलेंस ही साफ कर देते हैं
मज़ा देखिए, एमआईजी (MIG) थाने के आरक्षक मनोज और अविनाश ने अपने दो 'सिविलियन' साथियों के साथ मिलकर ६ लाख की लूट कर ली
शायद उन्हें लगा होगा कि कारोबारी डर के मारे घर बैठ जाएगा,पर यहाँ पासा पलट गया।अब पुलिस विभाग कह रहा है कि हमने उन्हें 'हिरासत' में ले लिया है। ये 'हिरासत' भी बड़ी कमाल की चीज़ है।अपने ही भाइयों को थाने में बैठाकर चाय पिलाना और पूछना कि'बेटा, इतना कच्चा काम कैसे,
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