सीबीएसई की ऑन-स्क्रीन मार्किंग पर उठे सवाल, धुंधली स्कैन कॉपियों से परेशान छात्र
Central Board of Secondary Education की 12वीं बोर्ड परीक्षा के परिणाम जारी होने के बाद अब मूल्यांकन प्रक्रिया को लेकर छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ती जा रही है। ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली में कथित गड़बड़ियों को लेकर बड़ी संख्या में विद्यार्थी सीबीएसई कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिल पा रहा।
छात्रों का आरोप है कि उन्हें जो स्कैन की गई उत्तर पुस्तिकाएं उपलब्ध कराई गई हैं, उनमें कई पन्ने धुंधले दिखाई दे रहे हैं। कुछ विद्यार्थियों ने दावा किया कि उनकी सप्लीमेंट्री कॉपियां गायब हैं, जबकि कुछ मामलों में दूसरे छात्रों के पन्ने उनकी कॉपी में जुड़े मिले। इन शिकायतों ने मूल्यांकन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
इस साल सीबीएसई 12वीं परीक्षा में 17 लाख से अधिक विद्यार्थी शामिल हुए थे। बोर्ड के अनुसार करीब 98 लाख उत्तर पुस्तिकाओं की ऑन-स्क्रीन जांच की गई। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि प्रत्येक विद्यार्थी की औसत कॉपी 35 से 40 पन्नों की मानी जाए, तो कुल मिलाकर लगभग 40 करोड़ पन्नों की स्कैनिंग हुई होगी। ऐसे में इतनी बड़ी संख्या में कॉपियों की स्कैनिंग और निगरानी को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
सोशल मीडिया पर भी कई छात्र अपनी स्कैन कॉपियों की तस्वीरें साझा कर रहे हैं, जिनमें उत्तर स्पष्ट नहीं दिख रहे। कुछ छात्रों का कहना है कि स्कैन कॉपी न मिलने या अधूरी मिलने के कारण वे पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन तक नहीं कर पा रहे हैं।
सीबीएसई की ओर से लगातार यह दावा किया जा रहा है कि शिकायतों का समाधान किया जा रहा है, लेकिन विद्यार्थियों का कहना है कि अब तक उन्हें कोई ठोस राहत नहीं मिली। जानकारी के मुताबिक, अब तक चार लाख से अधिक छात्र पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन कर चुके हैं।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)