मोहन सरकार का बड़ा फैसला: गंभीर अपराध में दोषी कर्मचारियों की जाएगी नौकरी
मध्य प्रदेश में मोहन यादव सरकार शासकीय सेवकों के लिए बड़ा और अहम बदलाव करने जा रही है। सरकार ने मप्र सिविल सेवा नियम-2026 का संशोधित ड्राफ्ट तैयार कर दिया है, जिसमें सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब प्रोबेशन के बाद कर्मचारियों को सालों इंतजार नहीं करना पड़ेगा। विभाग प्रमुखों को 6 महीने के भीतर फैसला लेना अनिवार्य होगा, नहीं तो कर्मचारी स्वतः नियमित माने जाएंगे।
लेकिन इस संशोधन की सबसे अहम बात यह है कि अब गंभीर श्रेणी के अपराध करने वाले शासकीय सेवकों की नौकरी जा सकती है। यानी भ्रष्टाचार या गंभीर अपराध में शामिल पाए जाने पर सीधे सेवा से बाहर करने का प्रावधान किया जा रहा है।
पुराने नियमों में यह प्रावधान सीमित था, लेकिन नए नियम इसे सख्त बनाते हैं। सरकार का मानना है कि इससे प्रशासन में जवाबदेही बढ़ेगी और सिस्टम ज्यादा पारदर्शी बनेगा। फिलहाल यह ड्राफ्ट आम लोगों और कर्मचारियों के लिए सार्वजनिक किया गया है, जिस पर 15 जून तक आपत्तियां और सुझाव दिए जा सकते हैं।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)