भारत-दक्षिण कोरिया संबंधों को नई गति, जयशंकर-चो ह्यून की वार्ता में व्यापार, रक्षा और तकनीक पर जोर
सोल। भारत और दक्षिण कोरिया के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत बनाने की दिशा में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने बुधवार को दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्री चो ह्यून से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने व्यापार, निवेश, रक्षा, जहाज निर्माण, प्रौद्योगिकी, स्वच्छ ऊर्जा, संस्कृति तथा जन-से-जन संपर्क समेत कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग की व्यापक समीक्षा की।
बैठक के दौरान दोनों देशों ने स्टार्टअप, फिनटेक और बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर भी विस्तार से चर्चा की। विदेश मंत्री जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि हाल ही में दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ली जे म्युंग की भारत यात्रा के बाद दोनों देशों के संबंधों को नई दिशा मिली है और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को और गति देने पर सहमति बनी है।
दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्री चो ह्यून ने कहा कि राष्ट्रपति ली जे म्युंग की भारत यात्रा ने द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का मार्ग प्रशस्त किया है। उन्होंने बताया कि दोनों पक्षों ने पिछले शिखर सम्मेलन में लिए गए निर्णयों के क्रियान्वयन की समीक्षा की और व्यापार, निवेश तथा वित्तीय सहयोग को आगे बढ़ाने के उपायों पर विचार किया।
चो ह्यून ने यह भी जानकारी दी कि भारत में आयोजित ‘कोरिया वीक’ कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस प्रतिबद्धता का प्रतीक है, जिसके तहत भारतीय बाजार में निवेश करने वाली कंपनियों की चुनौतियों के समाधान का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने भारत के सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जल्द ही दक्षिण कोरिया में भारतीय कंपनियों के लिए भी इसी प्रकार की विशेष राउंडटेबल बैठक आयोजित की जाएगी।
बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर भी चर्चा की। विशेष रूप से पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति से उत्पन्न आर्थिक प्रभावों पर मिलकर काम करने और निकट संपर्क बनाए रखने पर सहमति व्यक्त की गई। जयशंकर ने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में भारत-दक्षिण कोरिया संबंधों का महत्व और बढ़ गया है तथा दोनों देश भविष्य में सहयोग के नए आयाम स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
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