नेपाल में भ्रष्टाचार पर सख्ती: नेताओं-अधिकारियों की संपत्ति जांच के लिए पैनल गठित
नेपाल में नई सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ा कदम उठाते हुए पूर्व और वर्तमान नेताओं व अधिकारियों की संपत्ति की जांच के लिए पांच सदस्यीय पैनल का गठन किया है। प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह की अगुवाई वाली सरकार का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य शासन में पारदर्शिता बढ़ाना और अवैध संपत्ति पर अंकुश लगाना है।
सरकार के प्रवक्ता सस्मित पोखरेल के मुताबिक, इस पैनल की अध्यक्षता सेवानिवृत्त सुप्रीम कोर्ट जज राजेन्द्र कुमार भंडारी करेंगे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष होगी और कानूनी मानकों के आधार पर ही सबूतों का मूल्यांकन किया जाएगा।
बताया जा रहा है कि यह जांच 2008 के बाद सार्वजनिक पदों पर रहे नेताओं और अधिकारियों तक पहुंच सकती है। 2008 वही साल था जब जन आंदोलन के बाद नेपाल में 239 साल पुरानी राजशाही का अंत हुआ और देश ने नई राजनीतिक व्यवस्था अपनाई।
सरकार के अनुसार, पैनल अपनी रिपोर्ट और सिफारिशें संबंधित एजेंसियों को सौंपेगा, जिनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, जांच पूरी करने के लिए कोई निश्चित समयसीमा तय नहीं की गई है।
काठमांडू के मेयर के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त छवि बना चुके बालेन्द्र शाह अब राष्ट्रीय स्तर पर भी इसी एजेंडे को आगे बढ़ा रहे हैं। इस फैसले को नेपाल की राजनीति में एक बड़े सुधारात्मक कदम के रूप में देखा जा रहा है।
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