जयशंकर-अराघची की चौथी बातचीत, होर्मुज से मिली राहत की खबर
नई दिल्ली (आरएनआई) पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने गुरुवार रात ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची से फोन पर बातचीत की। यह दोनों नेताओं के बीच इस क्षेत्र संकट के दौरान चौथी बातचीत थी। बातचीत का मुख्य फोकस होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे भारतीय और अन्य देशों के जहाजों के सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित करने पर था।
विदेश मंत्री जयशंकर ने इस मौके पर कहा कि बातचीत में द्विपक्षीय मामलों के साथ-साथ ब्रिक्स से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। यह पहल भारत की कूटनीति का हिस्सा है, ताकि रणनीतिक शिपिंग मार्ग पर भारतीय जहाज सुरक्षित रह सकें। अमेरिका और इस्राइल के साथ हालिया टकराव के कारण ईरान ने इस जलडमरूमध्य को आंशिक रूप से अवरुद्ध किया था, जिससे वैश्विक ऊर्जा संकट की स्थिति उत्पन्न हुई।
हालांकि, गुरुवार को अच्छी खबर यह आई कि एक भारतीय जहाज सुरक्षित भारत पहुंच गया, जिसे भारत के निरंतर कूटनीतिक प्रयासों का नतीजा माना जा रहा है। ईरानी विदेश मंत्री अराघची ने जयशंकर को अमेरिका और इस्राइल के हमलों से उत्पन्न स्थिति और इसके क्षेत्रीय व वैश्विक असर के बारे में जानकारी दी और साथ ही ईरान के आत्मरक्षा के वैध अधिकार पर भी जोर दिया।
यह बातचीत इस बात का संकेत है कि दोनों देशों के बीच संपर्क और संवाद जारी है और संकट के बावजूद भारत अपने नागरिकों और आर्थिक हितों की सुरक्षा के लिए सक्रिय भूमिका निभा रहा है।
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