आईएएस-जेकेएएस विवाद में उमर अब्दुल्ला सरकार का बड़ा कदम, 15 दिन में जांच रिपोर्ट सौंपने के आदेश
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में वरिष्ठ आईएएस अधिकारी कुमार राजीव रंजन और महिला जेकेएएस अधिकारी बेनीश वानी के बीच ऑनलाइन बैठक के दौरान कथित अभद्र भाषा के इस्तेमाल का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। विवाद के बाद उमर अब्दुल्ला सरकार ने मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। जांच अधिकारी को 15 दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
सरकार ने वरिष्ठ आईएएस अधिकारी मनदीप कौर को जांच अधिकारी नियुक्त किया है। वहीं, सामान्य प्रशासन विभाग के अतिरिक्त सचिव अमित वर्मानी को मामले में प्रस्तुतिकरण अधिकारी बनाया गया है। जांच में दोनों अधिकारियों के बीच हुई बातचीत और सामने आए आरोपों के तथ्यों की पड़ताल की जाएगी।
यह विवाद 14 अक्टूबर को मिशन युवा की ऑनलाइन समीक्षा बैठक के दौरान शुरू हुआ था। बैठक में श्रम एवं रोजगार विभाग के प्रशासनिक सचिव कुमार राजीव रंजन और रोजगार विभाग में सहायक निदेशक के पद पर तैनात बेनीश वानी के बीच बहस हुई। सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो में वरिष्ठ अधिकारी को कथित तौर पर महिला अधिकारी के लिए अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करते और निलंबन की चेतावनी देते सुना जा सकता है। महिला अधिकारी ने भी इस भाषा पर आपत्ति जताई थी।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने मामले पर नाराजगी जताते हुए कहा कि वीडियो में दिखाई देने वाला व्यवहार एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी से अपेक्षित मानकों के अनुरूप नहीं है। उन्होंने मुख्य सचिव से मामले को गंभीरता से उठाया और महिला अधिकारी के खिलाफ किसी भी तरह की प्रतिशोधात्मक कार्रवाई नहीं होने देने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि केंद्र शासित प्रदेश होने के कारण आईएएस अधिकारियों पर नियंत्रण संबंधी अधिकार उपराज्यपाल के पास हैं।
मामले में राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी स्वतः संज्ञान लेते हुए निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की जानकारी मांगी है। वहीं, जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने सरकारी कर्मचारियों को आधिकारिक बातचीत में मर्यादित भाषा और पेशेवर व्यवहार बनाए रखने की हिदायत दी है।
सरकार की ओर से गठित जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि मामले में लगाए गए आरोप किस हद तक सही हैं और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ आगे क्या कार्रवाई की जाएगी।
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