क्यूबा के राष्ट्रपति पर अमेरिकी प्रतिबंधों का चीन ने किया विरोध, कहा- दबाव की नीति बंद करे वाशिंगटन
बीजिंग। चीन ने क्यूबा के राष्ट्रपति Miguel Díaz-Canel पर अमेरिका द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों की कड़ी आलोचना करते हुए इसे दबाव और हस्तक्षेप की नीति करार दिया है। चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह कदम एक बार फिर अमेरिका की "दबाव और उत्पीड़न" वाली विदेश नीति को दर्शाता है।
चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने शुक्रवार को कहा कि अमेरिका ने क्यूबा के खिलाफ अपनी नाकेबंदी और प्रतिबंधों को और सख्त कर दिया है तथा अब सीधे क्यूबा के शीर्ष नेताओं को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि चीन इस कार्रवाई का दृढ़ता से विरोध करता है और मानता है कि क्यूबा की स्थिरता तथा संप्रभुता का सम्मान किया जाना चाहिए।
प्रवक्ता ने कहा कि क्यूबा को अस्थिर करने के प्रयास सफल नहीं होंगे और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की अपेक्षा है कि क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनी रहे। उन्होंने अमेरिका से क्यूबा पर लगाए गए प्रतिबंधों और अन्य दबावपूर्ण कदमों को समाप्त करने की अपील की। साथ ही यह भी दोहराया कि चीन क्यूबा की राष्ट्रीय संप्रभुता, सुरक्षा और बाहरी हस्तक्षेप के विरोध में उसके साथ खड़ा रहेगा।
इससे पहले अमेरिकी United States Department of the Treasury ने क्यूबा के राष्ट्रपति मिगुएल डियाज-कैनेल, उनकी पत्नी, सौतेले बेटे तथा Raúl Castro के परिवार के कुछ सदस्यों को प्रतिबंध सूची में शामिल करने की घोषणा की थी।
क्यूबा के राष्ट्रपति ने इन प्रतिबंधों की आलोचना करते हुए कहा कि यह कदम क्यूबा के खिलाफ आर्थिक नाकेबंदी को और मजबूत करने का प्रयास है। वहीं Ministry of Foreign Affairs of Cuba ने अमेरिकी कार्रवाई को "आर्थिक आक्रमण" बताते हुए इसकी निंदा की है।
अमेरिका, चीन और क्यूबा के बीच इस मुद्दे को लेकर बढ़ती बयानबाजी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक नई कूटनीतिक बहस को जन्म दे दिया है। विश्लेषकों का मानना है कि यह विवाद आने वाले समय में दोनों महाशक्तियों के बीच तनाव के एक और मुद्दे के रूप में उभर सकता है।
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