कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर से डेटा निकालने में जुटा एएआईबी, संजय राउत का सवाल—क्या ब्लैक बॉक्स जल जाना सामान्य है?
नई दिल्ली/मुंबई (आरएनआई)। महाराष्ट्र के बारामती जिले में हुए लियरजेट-45 विमान हादसे की जांच में अहम मोड़ आया है। विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो एएआईबी ने पुष्टि की है कि वह कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (सीवीआर) से डेटा निकालने के लिए विशेषज्ञ तकनीकी मदद ले रहा है। इस बीच, हादसे को लेकर राजनीतिक सवाल भी तेज हो गए हैं और शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने ब्लैक बॉक्स के जल जाने को रहस्यमय बताते हुए सरकार की भूमिका पर सवाल खड़े किए हैं।
यह विमान हादसा 28 जनवरी को बारामती में हुआ था, जिसमें महाराष्ट्र के तत्कालीन डिप्टी मुख्यमंत्री अजित पवार समेत पांच लोगों की मौत हो गई थी। एएआईबी के अनुसार, विमान में दो रिकॉर्डर लगे थे—फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (डीएफडीआर) और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (सीवीआर)। हादसे के बाद दोनों रिकॉर्डर आग में बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए थे। जांच एजेंसी ने बताया कि डीएफडीआर का डेटा सफलतापूर्वक डाउनलोड कर लिया गया है, लेकिन सीवीआर से डेटा निकालना तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है। चूंकि यह रिकॉर्डर अमेरिका में निर्मित है, इसलिए वहां से विशेषज्ञ सहायता ली जा रही है।
एएआईबी ने इस पूरे मामले में स्पष्ट किया है कि जांच अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार की जा रही है और अंतिम निष्कर्ष तक पहुंचने से पहले किसी भी तरह की अटकलों से बचना जरूरी है। एजेंसी का कहना है कि सीवीआर से मिलने वाली बातचीत और ध्वनियां हादसे के कारणों को समझने में निर्णायक भूमिका निभा सकती हैं।
इधर, राजनीतिक हलकों में इस हादसे को लेकर सवाल और आशंकाएं बढ़ती जा रही हैं। संजय राउत ने कहा कि ब्लैक बॉक्स का इस तरह जल जाना न केवल असामान्य है, बल्कि गंभीर चिंता का विषय भी है। उन्होंने सीधे तौर पर सरकार की नीयत और पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए कहा कि सच्चाई सामने आनी चाहिए। वहीं एनसीपी-एसपी नेता रोहित पवार ने इस हादसे को साजिश से जोड़ते हुए दावा किया कि दुर्घटना से पहले यात्रा योजना में अचानक बदलाव किया गया था। उनके अनुसार, अजित पवार पहले कार से पुणे जाने वाले थे, लेकिन अंतिम समय में विमान से यात्रा का फैसला लिया गया, जो कई संदेहों को जन्म देता है।
इस मामले पर केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के. राम मोहन नायडू ने कहा है कि हादसे की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट जल्द जारी की जाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जांच पूरी तरह अंतरराष्ट्रीय नियमों और प्रक्रियाओं के तहत की जा रही है और किसी भी स्तर पर लापरवाही को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। फिलहाल, सभी की निगाहें सीवीआर से निकलने वाले डेटा और एएआईबी की अंतिम रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं, जो इस दर्दनाक हादसे की असल वजह सामने ला सकती है।
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