राम मंदिर चंदा मामले में कांग्रेस ने उठाए सवाल, सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग
नई दिल्ली। अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की कथित हेराफेरी के मामले को लेकर कांग्रेस ने एक बार फिर केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार पर सवाल उठाए हैं। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने मंदिर में चढ़ावे की गिनती के दौरान कथित अनियमितताओं का हवाला देते हुए पूरे मामले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराने तथा चंदे का पूरा हिसाब सार्वजनिक करने की मांग की है।
जयराम रमेश ने सोशल मीडिया पर कहा कि मंदिर में चढ़ावे की गिनती के दौरान नकदी निकालने या छिपाने की 105 घटनाएं सीसीटीवी फुटेज में सामने आई हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जांच में कथित तौर पर शामिल लोगों की जिम्मेदारी तय करने के साथ-साथ यह भी स्पष्ट किया जाना चाहिए कि चढ़ावे की कुल कितनी राशि का दुरुपयोग हुआ और इसमें किन लोगों की भूमिका रही।
यह मामला मंदिर परिसर में चढ़ावे की गिनती के दौरान कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ा है। जांच के आधार पर आठ लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किए जाने की खबरें सामने आई हैं। जांच एजेंसी के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज, डिजिटल साक्ष्यों, बैंक खातों और गवाहों के बयानों के आधार पर कथित नकदी निकासी की घटनाओं की पड़ताल की गई है। हालांकि, आरोपों पर अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।
कांग्रेस ने विशेष जांच दल (एसआईटी) की जांच प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए हैं। पार्टी का आरोप है कि जांच में केवल निचले स्तर के कर्मचारियों तक सीमित रहने के बजाय जिम्मेदारी के सभी स्तरों की पड़ताल होनी चाहिए। जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी मामले पर जवाब देने की मांग की है।
कांग्रेस ने कहा है कि मंदिर को मिले चढ़ावे और कीमती वस्तुओं का पूरा लेखा-जोखा सार्वजनिक किया जाना चाहिए तथा जांच स्वतंत्र, पारदर्शी और जवाबदेही सुनिश्चित करने वाली होनी चाहिए। वहीं, जांच में सामने आए तथ्यों और आरोपों के आधार पर ही संबंधित व्यक्तियों की भूमिका तय की जा सकती है।
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