वॉशिंगटन (आरएनआई)। अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने ईरान के हथियार कार्यक्रम को लेकर गंभीर चिंता जताते हुए कहा है कि तेहरान ऐसी मिसाइलें विकसित कर चुका है, जो यूरोप तक पहुंचने में सक्षम हैं। उन्होंने इसे वैश्विक सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बताते हुए ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य कार्रवाई का भी बचाव किया।
एक इंटरव्यू के दौरान रुबियो ने कहा कि हाल के मिसाइल परीक्षणों में ईरान ने ऐसी क्षमताओं का प्रदर्शन किया है, जिन्हें वह पहले नकारता रहा था। उनके अनुसार, यह ईरान की सैन्य पहुंच को बढ़ाने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जिसमें लंबी दूरी की मिसाइल प्रणालियों का विकास शामिल है। उन्होंने आशंका जताई कि भविष्य में ये क्षमताएं अमेरिका तक भी पहुंच सकती हैं।
रुबियो ने ईरान के मिसाइल कार्यक्रम को उसकी परमाणु महत्वाकांक्षाओं से जोड़ते हुए कहा कि दोनों मुद्दों को अलग-अलग नहीं देखा जा सकता। उन्होंने दावा किया कि ईरान 60 प्रतिशत तक यूरेनियम संवर्धन कर चुका है और उसके पास इसे हथियार-स्तर यानी 90 प्रतिशत तक पहुंचाने की क्षमता मौजूद है। उनके अनुसार, इतनी उच्च स्तर पर संवर्धन का उद्देश्य परमाणु हथियार विकसित करना ही हो सकता है।
अमेरिकी विदेश मंत्री ने आरोप लगाया कि ईरान ने अपने यूरेनियम भंडार को नष्ट करने या अंतरराष्ट्रीय निगरानी में सौंपने के कई अवसर ठुकराए हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका और उसके सहयोगी देशों का लक्ष्य ईरान को अपने परमाणु कार्यक्रम को छिपाने से रोकना है।
रुबियो ने बताया कि अमेरिका एक समन्वित सैन्य अभियान चला रहा है, जिसके तहत ईरान की सैन्य क्षमताओं को कमजोर करने पर ध्यान दिया जा रहा है। इस अभियान के प्रमुख उद्देश्यों में ईरान की वायु और नौसेना क्षमताओं को नुकसान पहुंचाना, मिसाइल लॉन्च सिस्टम को निष्क्रिय करना और ड्रोन व मिसाइल उत्पादन इकाइयों को खत्म करना शामिल है। उन्होंने दावा किया कि इस दिशा में अमेरिकी सेना तय समय-सीमा के अनुसार या उससे भी आगे बढ़ रही है और अपने लक्ष्यों के काफी करीब पहुंच चुकी है।
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