असम के कछार में नेहरू की प्रतिमा तोड़ी गई, कांग्रेस का आरोप—सरकार की चुप्पी चिंताजनक
सिलचर (आरएनआई) — असम के कछार जिले में देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की प्रतिमा को अज्ञात शरारती तत्वों ने तोड़ दिया। इस घटना के बाद राज्य में राजनीतिक आक्रोश फैल गया है। कांग्रेस ने इसे स्वतंत्रता संग्राम की विरासत पर हमला बताते हुए राज्य सरकार की भूमिका पर सवाल उठाए हैं।
यह घटना सोमवार रात बराक घाटी के लखीपुर थाना क्षेत्र के पाइलापूल बाजार इलाके में हुई। पुलिस के मुताबिक, कुछ अज्ञात लोग खुदाई मशीन की मदद से प्रतिमा उखाड़ते हुए सीसीटीवी कैमरे में कैद हुए हैं। मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है, एक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है और घटना में इस्तेमाल की गई मशीन जब्त कर ली गई है, हालांकि मशीन का चालक अभी फरार है।
असम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई ने इस घटना की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि यह केवल एक प्रतिमा को नुकसान पहुंचाने का मामला नहीं है, बल्कि उस नेता की विरासत का अपमान है जिन्होंने आधुनिक भारत की नींव रखी। गोगोई ने कहा कि राजनीतिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन इतिहास और लोकतांत्रिक मूल्यों को मिटाने की कोशिश स्वीकार नहीं की जा सकती।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी के शासन में ऐसी गंभीर घटना के बावजूद सरकार की ओर से कोई ठोस प्रतिक्रिया नहीं आई है। गोगोई ने कहा कि असम और भारत की ताकत बहुलवाद और लोकतांत्रिक परंपराओं में है और इन्हें कमजोर करने वाली किसी भी कोशिश के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
सोशल मीडिया मंच एक्स पर असम कांग्रेस ने सवाल उठाया कि प्रतिमा को बेखौफ होकर मशीन से तोड़ा गया—यह मशीन किसकी थी और किसके निर्देश पर यह कार्रवाई की गई? पार्टी ने दोषियों के खिलाफ कड़ी और मिसाल कायम करने वाली कार्रवाई की मांग की है। वहीं, सिलचर से कांग्रेस नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल घटनास्थल पर पहुंचा और पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए तुरंत गिरफ्तारी की मांग की।
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