अजनाला में किसानों का सपना पूरा: 6,344 किसानों को मालिकाना हक, बाढ़ प्रभावितों को मुआवज़ा
(सुरेश रहेजा, परवीन कुमार, साहिल रहेजा)
अमृतसर/अजनाला (आरएनआई) आज आम आदमी पार्टी के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता, विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री स. कुलदीप सिंह धालीवाल ने पंजाब के मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान का धन्यवाद करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री स. मान की किसान हितैषी सोच और सभी वर्गों के प्रति दृष्टिकोण को देखते हुए आजादी के बाद लगभग चौथाई सदी का लंबा समय बीत जाने के बावजूद लगातार 10 हजार 181 कनाल जमीन पर खेती करने वाले 6344 किसानों का जमीन के मालिकाना हक से वंचित रहने का सपना पूरा हुआ है। अजनाला विधानसभा क्षेत्र के तहत आने वाले अलग-अलग गांवों में 'पनही कदीम', 'मालगुजार' और 'मुआफिदार' कैटेगरी की उपजाऊ जमीनों का मालिकाना हक अब मिल गया है। जिसके लिए रेवेन्यू डिपार्टमेंट के ज़रिए मालिकाना हक के कागज़ात पूरे करने के लिए आज उनकी (एस. धालीवाल) मौजूदगी में रेवेन्यू मिनिस्टर पंजाब एस. हरदीप सिंह मुंडियां ने एक ज़रूरी ऑनलाइन मीटिंग में अलग-अलग जिलों के डिप्टी कमिश्नरों को निर्देश दिए कि अपने-अपने जिलों के अधिकृत इलाके में पहचानी गई 'पनही कदीम', 'मालगुजार' और 'मुआफिदार' कैटेगरी की जमीनों के मालिकाना हक के कागज़ात जल्द तैयार किए जाएं। रेवेन्यू डिपार्टमेंट के ज़रिए मालिकाना हक के कागज़ात तैयार करने का प्रोसेस पूरा होने के बाद, एक फॉर्मल कैंप लगाकर प्रभावित किसानों को मालिकाना हक के कागज़ात सौंपे जा सकते हैं। ये विचार श्री धालीवाल ने आज चंडीगढ़ में रेवेन्यू मिनिस्टर पंजाब श्री हरदीप सिंह मुंडियां के साथ मीटिंग के दौरान कहे। श्री धालीवाल ने पिछली कांग्रेस और अकाली-BJP सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि किसानों का मसीहा और किसानों के हितों का रखवाला होने का दावा करने वाली इन पिछली सरकारों ने देश की आज़ादी के बाद करीब 70 साल तक 'पनही कदीम', 'मालगुजार' और 'मुआफिदार' कैटेगरी के अन्न उत्पादकों को मालिकाना हक नहीं दिया। नतीजतन, इन कैटेगरी के प्रभावित किसान अन्न उत्पादन के लिए बैंकों से लोन लेने की सुविधा और अपनी ज़रूरत के हिसाब से ज़मीन बेचने के अधिकार से वंचित रहे। इन कैटेगरी के किसान पिछली सरकारों के पास जाकर मालिकाना हक के लिए गुहार लगाते रहे, जिसे नज़रअंदाज़ कर दिया गया और पिछली सरकारों ने किसानों के साथ भद्दा मज़ाक किया। स. धालीवाल ने यह भी बताया कि जब वे मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की सरकार में कैबिनेट मंत्री थे, तो कैबिनेट मीटिंग में 'पनही कदीम', 'मालगुजार' और 'मुआफिदार' कैटेगरी के किसानों को ज़मीन के मालिकाना हक का मामला उनके ध्यान में लाया गया था, तब मुख्यमंत्री स. मान ने इस बारे में कैबिनेट में प्रस्ताव पास करके इन प्रभावित कैटेगरी के किसानों को मालिकाना हक देने का ऐतिहासिक फैसला लिया था। उन्होंने कहा कि रेवेन्यू मिनिस्टर पंजाब स. हरदीप सिंह मुंडियां भी खास धन्यवाद के हकदार हैं, क्योंकि कैबिनेट में पास हुए प्रस्ताव ने सरकारी उलझनों के अलग-अलग पड़ावों से लंबी प्रक्रिया को पार करके किसानों के मालिक बनने के सपने को पूरा करने में एक सुनहरा मील का पत्थर साबित किया है। श्री धालीवाल ने कल कैबिनेट मीटिंग में पंजाब के मुख्यमंत्री श्री मान का दिल से शुक्रिया अदा किया कि उन्होंने साल 2025 के अगस्त और सितंबर महीने में आई भयंकर बाढ़ के कारण सरकारी ज़मीन पर खेती कर रहे किसानों को उनकी बर्बाद हुई फसलों का मुआवज़ा देने का फ़ैसला किया है। उन्होंने खुशी के लहज़े में अमृतसर ज़िले में इंटरनेशनल बॉर्डर की बाड़ के पार सरकारी ज़मीन पर खेती कर रहे उन किसानों को बधाई दी जिनकी 2800 एकड़ ज़मीन पर लगी फ़सलें बाढ़ के कारण बर्बाद हो गई थीं। उन्होंने कहा कि यह पंजाब के इतिहास में किसानों के हित में पहला फ़ैसला भी है जिसमें आज़ादी के बाद सरकारी ज़मीन पर कब्ज़े के आधार पर खेती कर रहे किसानों को कुदरती आफ़तों के कारण बर्बाद हुई फ़सलों का मुआवज़ा मिलने जा रहा है। जिसमें किसानों को बर्बाद हुई फ़सल का 100 प्रतिशत मुआवज़ा 20 हज़ार रुपये प्रति एकड़ देने का प्रावधान किया गया है। श्री धालीवाल ने दावा किया कि भगवंत सिंह मान की सरकार ने ऊपर बताए गए दोनों किसान हितैषी फैसले लेकर यह साबित कर दिया है कि सिर्फ मान सरकार ही किसानों के हितों की रक्षा कर सकती है।
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