अचानक सीएमएचओ कार्यालय का किया कलेक्टर श्रीमती चौहान ने निरीक्षण, स्वास्थ्य सुविधाओं के संबंध में की समीक्षा और दिए आवश्यक दिशा–निर्देश 

Sunday, May 25, 2025 - 19:11
Updated: 1 year ago
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अचानक सीएमएचओ कार्यालय का किया कलेक्टर श्रीमती चौहान ने निरीक्षण, स्वास्थ्य सुविधाओं के संबंध में की समीक्षा और दिए आवश्यक दिशा–निर्देश 

ग्वालियर (आरएनआई) स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी हकीकत जानने के लिये कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान रविवार को अचानक मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय पहुँचीं। उन्होंने जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं के संबंध में विस्तार से जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस मौके पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सचिन श्रीवास्तव के साथ ही विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। 
 
कलेक्टर श्रीमती चौहान ने निरीक्षण के दौरान अस्पतालों एवं नर्सिंग होम में बीएमडब्ल्यू (बायोमेडीकल वेस्ट) का निस्तारण किस तरह किया जा रहा है, इसकी जानकारी ली। अस्पताल से बीएमडब्ल्यू उठाने वाली कंपनी के क्रियान्वयन के संबंध में निर्देश दिए हैं कि इसकी निरंतर मॉनीटरिंग की जाए और 15 दिन में रिपोर्ट भी प्राप्त की जाए। सभी नर्सिंग होम की 5 जून तक जियो टैगिंग की भी जाए। अस्पताल एवं नर्सिंग होम का कोई डॉक्टर नर्सिंग होम छोड़कर जाता है तो उसकी एंट्री पोर्टल पर अनिवार्यत: की जाए। जिले के सभी नर्सिंग होम एवं अस्पतालों में फायर सेफ्टी, एनओसी एवं इलेक्ट्रिक ऑडिट के संबंध में भी प्रभारी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। सभी नर्सिंग होमों की फायर सेफ्टी एनओसी एवं इलेक्ट्रिक ऑडिट का प्रमाण-पत्र पाँच दिन में जमा कराया जाए। सभी चिकित्सक एवं स्टाफ की जानकारी फिजिकली एवं पोर्टल के माध्यम से ली जाए। 
 
कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने निरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देशित किया है कि कोविड-19 की संभावनाओं को देखते हुए अभी से ऑक्सीजन बैड, संख्या, वेंटीलेटर, दवायें आदि की व्यवस्था का प्लान तैयार रखें। इसके साथ ही 108 एम्बूलेंस व प्राइवेट एम्बूलेंस के संबंध में भी निर्देश दिए। 108 एम्बूलेंस के कर्मचारियों का ईपीएफ कट रहा है या नहीं यह भी सुनिश्चित किया जाए। श्रम विभाग के नियमों का पालन हो और 108 के सभी कर्मचारियों का स्वास्थ्य परीक्षण 15 दिन में अनिवार्यत: कराया जाए। 
 
कलेक्टर ने आयुष्मान योजना के संबंध में निर्देश दिए हैं कि आयुष्मान अस्पताल यह सुनिश्चित करें कि जिन बीमारी का आयुष्मान में पंजीयन किया गया है, उनकी सूची अस्पताल के सामने 4X6 वर्ग फुट बैनर पर अंकित हो, जिस पर बीमारी का नाम लिखा हो। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ सभी जरूरतमंदों को मिले, इसकी निरंतर मॉनीटरिंग की जाए। गर्मी के मौसम को देखते हुए शहरी तथा ग्रामीण क्षेत्र में जो भी व्यवस्थायें अपेक्षित हैं उन्हें पूरा किया जाए।

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