‘देश आर्थिक संकट की ओर, पीएम जश्न में व्यस्त’: रेपो रेट बढ़ने पर केंद्र पर कांग्रेस का हमला
नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी कर इसे 5.50 प्रतिशत किए जाने के बाद कांग्रेस ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि रेपो रेट बढ़ने से आम लोगों पर कर्ज का बोझ बढ़ेगा और महंगे कर्ज का असर खर्च, निवेश और कारोबार पर पड़ सकता है।
जयराम रमेश ने कहा कि त्योहारी सीजन में महंगाई से मध्यम और गरीब वर्ग पहले ही परेशान है। उनके मुताबिक, बेरोजगारी और घटती आय के बीच लोगों की जेब पर दबाव बढ़ रहा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि विदेशी संस्थागत निवेशकों ने पिछले नौ महीनों में भारतीय शेयर बाजार से करीब चार लाख करोड़ रुपये निकाले हैं और रुपये की स्थिति भी कमजोर हुई है। ये आंकड़े और दावे कांग्रेस की ओर से रखे गए हैं।
रमेश ने सरकार पर अर्थव्यवस्था को लेकर किए जा रहे दावों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि देश एक बड़े आर्थिक संकट की ओर बढ़ रहा है, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जनता की चिंताओं के बजाय अपने 25 साल के सार्वजनिक जीवन से जुड़े कार्यक्रमों में व्यस्त हैं। कांग्रेस नेता ने सरकार की आर्थिक नीतियों को लेकर भी कई सवाल उठाए।
RBI ने 7 अक्टूबर को रेपो रेट में बढ़ोतरी के साथ अपनी मौद्रिक नीति का रुख ‘न्यूट्रल’ से बदलकर ‘कैलिब्रेटेड टाइटनिंग’ कर दिया। केंद्रीय बैंक ने यह फैसला बढ़ती महंगाई, कमजोर रुपये और ऊंची कच्चे तेल की कीमतों के बीच लिया है। हालांकि, RBI के अनुसार चालू वित्त वर्ष में आर्थिक वृद्धि दर 7.1 प्रतिशत रहने का अनुमान है।
कांग्रेस ने रेपो रेट बढ़ाने के फैसले को आम लोगों की आर्थिक परेशानियों से जोड़ते हुए केंद्र सरकार पर हमला तेज कर दिया है। वहीं, रेपो रेट में बदलाव का अंतिम असर कर्ज की ब्याज दरों और ईएमआई पर बैंकों के फैसलों के अनुसार अलग-अलग हो सकता है।
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